0:00 हेलो एवरीवन स्वागत है प ओनली इस में आज है हमारा सातवां चैप्टर फंडामेंटल राइट्स अभी तक हमने देख लिया हमारा यूनियन कैसा है काशी उसकी टेरिटरी है कहा उसे यूनियन में कौन लोग होंगे या तो नागरिक होंगे या नॉन नागरिक होंगे तो अब जो नागरिक बच्चे उनके पास कैसे तो उनके नागरिकता कैसे आई उनके पास और उनके नागरिकता में उनको क्या-क्या मिला है नागरिकता कब उनकी जा शक्ति है बाहर रहने वाले विदेशी भारतीय कौन हमारे नागरिक होंगे कौन से अधिकार वो इंजॉय कर सकते हैं हमने देख लिए अब वो अधिकार क्या है में मुद्दा तो यही है ना की हमें यह जानना है की हमारा कॉन्स्टिट्यूशन सर आप बताते हो आदित्य सर ये का रहे हो की हमारा फंडामेंटल राइट हमारा बिल्कुल पूरा संविधान पूरे एल्गोरिथम में है हर चीज में फ्लो में चलती है की पहले यूनियन है यूनियन के लोग हैं लोगों के अधिकार हैं तो इन अधिकारों
0:46 का हमें सब बताओ आगे क्या है अब यही पूरा चैप्टर है लंबा चैप्टर होने वाला है डोंट वारी बहुत अच्छा इजी कॉन्सेप्ट समझेंगे कुछ कुछ आपको याद करना पड़ेगा किताब लेकर बैठना पेंसिल लेकर बैठना अपने साथ एक छोटी नोटबुक और लेक बैठना हो सकता है कुछ चीज ऐसी होगी जो आपकी बुक में अभी नहीं है पर मैंने यहां पे इनकॉरपोरेट कर राखी है ताकि आपको भैया बता सुकून तो आपको बुक की जरूर पड़ेगी आपको आपके नोट्स की जरूर पड़ेगी और पेंसिल की जरूर पड़ेगी ठीक है तो इंपॉर्टेंट चीज मार्क कर लेना अब कहानी ऐसे सोचो की वही कहानी है आप और आपके बड़े भैया परेशान कर रहे हैं आपको आपने अपने घर पे पूरा इमाम कर रखा है की साहब कानून बना रूल बना यह बना अब अगर हमने वो रूल बनाए और हमने उसमें ये ही नहीं मेंशन किया की छोटे भाई के या मेरे मैं छोटा भाइयों होगा और मेरा बड़ा भैया मुझे परेशान कर रहा है
1:32 टांग कर रहा है की मेरा अधिकार क्या है और बड़ा भैया हो चाहे पापा हो चाहे मम्मी हो चाहे कोई और हो और मेरे कौन से अधिकार हैं जो ये लोग मुझे छन नहीं सकते की भैया मुझे पढ़ाई करनी है मैं अच्छा बच्चा हूं मुझे आगे चल के आई प्रोफेसर बन्ना है तो मेरी पढ़ाई करने का अधिकार मेरे पास होना चाहिए मेरे खेलने जान का समय होना चाहिए मेरी ट्यूशन का टाइम फिक्स होना चाहिए मेरे कोई और चीज ऐसी जो जो मैं कर सकता हूं जो जो मैं एंजॉय करता हूं वो सब चीज आपको प्रोवाइड करनी पड़ेगी मैं आपके राहत हूं और मैं आपके भाई रिमो कर्म पे हूं कल मिला के तो हमारे फंडामेंटल राइट बहुत इंपॉर्टेंट है की हमारे उसे जो हमने जो घर में जो रूल चिपकाए हुआ है उसे रूल पे वो सारे हम फंडामेंटल राइट अपने लिख दें की साहब ये मेरे फंडामेंटल राइट है और ये बहुत ही सैकड़ो सेंट है ये बहुत ही बड़ी चीज है ये
2:18 कभी छुए ये कभी ऊ नहीं जाएंगे अगर कोई बहुत बड़ी इमरजेंसी ना ए गई तब तक मेरे यह छोड़ मैं जो छोटा बच्चा हूं उसे घर का मेरे ही अधिकारों को कोई छुए नहीं कहानी याद है ना यही कहानी थी पिछले क्लास में तो यही चल के ए रही है कहानी अपनी अटेंडेंस बता देना की हां आप लेक्चर सुनते हुए ए रहे हो तो आपको समझ में ए जाएगा जो एग्जांपल मैं उसे कर रहा हूं अब ये सोचो की फंडामेंटल राइट्स हमें क्या-क्या दे रहे हैं मैं आपको बयान नहीं कर सकता पर हम जब सुबह उठाते हैं और रात को सोनी जाते हैं और सो रहे होते हैं और फिर सुबह अगले दिन उठाते हैं हम फंडामेंटल राइट्स को महसूस कर रहे होते हैं हम फंडामेंटल राइट्स को ब्रिटेन ब्रेड आउट कर रहे होते हैं पर हम रिलाइज नहीं करते हैं की हम कितनी बड़ी कितनी बड़ी नियत कितनी बड़ी गिफ्ट के साथ हम रोज सुबह उठ रहे हैं और अपना कम पर जा रहे हैं अपनी पढ़ाई कर रहे हैं अपना अपना सारे रोज मा रही है तो भैया
3:05 फंडामेंटल राइट्स का चैप्टर इतना इंपॉर्टेंट है और यूपीएससी का तो बहुत ही फेवरेट है आप देख ही रहे हो देखो एक के पीछे एक हमारे सारे अभी आपको क्वेश्चन देखेंगे जब भी फंडामेंटल राइट्स पढ़ना खुद से पढ़ना कभी पढ़ना एक बात हमेशा ध्यान रखना की फंडामेंटल राइट्स या तो इंडिविजुअल के होंगे या फिर ऐसे होंगे की वो लोगों के होंगे हर तरह के लोग होंगे उसमें ठीक है अब मैं कैसे भी बना रहा हूं यह देख लेना यह आप चिंटू मिंटू है यह चींटी मिनती हैं ये सारे इसमें सब लोग हैं तो ये एक ग्रुप है अब या तो फंडामेंटल राइट एक इंडिविजुअल के लिए होगा एक सावरेन परसों खुद इंडिविजुअल पर्सनल के लिए होगा नहीं तो फिर ऐसे लोगों के लिए होगा की एक समूह होगा लोगों का एक ग्रुप होगा तो या तो हमें दो चीज समझ में
3:51 ए गई के फंडामेंटल राइट दो तरीके के आने वाले हैं आगे या तो वो इंडिविजुअल के होंगे या फिर वो ग्रुप के होंगे ग्रुप पैक कम्युनिटी ठीक है कुछ भी कर लो आप इसको ट्रू अपना प्राइड अपना ड्राइव देख रहे हो कितना इंपॉर्टेंट टॉपिक है रो हर साल ऑलमोस्ट आप देखो तो एक मतलब पैटर्न है क्वेश्चन आएंगे आएंगे दिवाली का जब पॉल्यूशन के ऊपर जब रेगुलेशन आया था तो क्वेश्चन ए गया ठीक है इसके अलावा बाकी क्वेश्चन हमारे इस साइड पे साइड पैरेलल चलते ए रहे हैं प्रीलिम्स में भी मेंस में भी खूब क्वेश्चन ए रहे हैं सारे क्वेश्चन या तो आपने कहानी देखें होंगे नहीं देखें होंगे तो अभी आज तो आप तो इस क्लास में तो सॉल्व हो ही जाएंगे तो बिना किसी डेरी के पहले चलते हैं भैया क्लास पे में मुद्दे पर आते हैं अब हम क्या कहना छह रहे हैं की
4:37 हमारे फंडामेंटल राइट क्यों है कहां है क्या है इनका तात्पर्य है और क्या हमसे ये कहना छह रहे हैं देखते हैं एक-एक करके तो जो हमारे फंडामेंटल राइट्स हैं पहले बात तो ये समझ लो की हमारे फंडामेंटल राइट्स जो हैं कुछ सिविल लिबर्टी हमको देते हैं हमको सिविल लिबर्टी मिल रही है फंडामेंटल राइट के तोर पे और इंडियन को भी मिल रही है बाहर के लोगों को भी मिल रही है दोनों तरह के लोगों को मिल रही है इंडियन को ज्यादा मिल रही है क्योंकि इंडिया में र रहे हैं ऐसा ही होता है कौन से दिन ऑफ इंडिया गारंटी सिविल लिबर्टीज सच डेट जो इंडियन कैन लीड देवर लीव्स इन पीस और हार्मनी एसिड ऑफ इंडिया प्यार मोहब्बत से आराम से अपना कुशल पूरा विकास कर सकेंगे सब कुछ कर सकें इसके लिए हमें फंडामेंटल राइट मिले हुए हैं फंडामेंटल इसलिए बोलते हैं क्योंकि ये मोस्ट एसेंशियल होते हैं पर जो राउंड डेवलपमेंट ऑफ और इंडिविजुअल और पर डी नेशन होल दोनों तरह के लोगों के
5:23 लिए कहां आते हैं ये हमारे आर्टिकल 12 से आर्टिकल 35 में सारे फंडामेंटल राइट लिखे हुए हैं जो पार्ट थ्री चैप्टर के तहत आता है अब पार्ट थ्री को इंडिया में संविधान में बोलते हैं की हमारा मैग्नाकार्टा है हमारा मैग्नाकार्टा मैग्ना करता शब्द क्या है मैग्ना काटा वर्ल्ड क्या है मैग्ना करता शब्द ये था मैग्ना करता मैन एक चार्ट ऑफ राइट था जब 1215 में कुछ बेरेंस ने बैरन बोलते हैं बैरन ये क्या लोग होते हैं ये कौन लोग हैं कोई बड़े साहूकार कोई बड़े एकदम अपने इंग्लैंड के एकदम बिल्कुल नोबिलिटी क्लास तो इन लोगों ने क्या किया इन लोगों ने राजा को उठाया राजा को पहले पड़ा किंग जॉन को खेतों में दारा रहा हूं जरा एक बात बताओ राजा साहब क्या कर रहे हो तुम ये जब मर्जी चाहते हो जब जाके जहां जाते हो जंग
6:08 झाडे जाते हो जो टैक्स लगा होता लगा देते हो उनके पागल है हम इतने लोग बैठे हैं आपके सब्जेक्ट हैं हम मां रहे हैं आपकी आप ठीक है आप दी विलाइटिस आए हो आपके ऊपर बिल्कुल उसे ईश्वर का हाथ है और बिल्कुल आप तो परम हो सब कुछ हो तो सब कुछ हो गया हमें और आप में कोई फर्क ही नहीं है ऐसा है अब से हम जो इंग्लैंड के लोग हैं हमसे हम लोग अब बैठ के ते करेंगे की हमें कैसे अपनी सरकार चलानी है कैसे आप उसे पर साइन करोगे तो पूरा उनसे हमने की बैलेंस ने कुछ बड़े साहूकारों ने बड़े लॉर्ड्स ने इन लोगों ने उसे राजा को पहले तो लपेटा इधर आओ तुम और उसको लपेट के इस इस चार्ट ऑफ राइट्स में है ये तो हमने कार्टून बनाया है एक ऐसा हुआ नहीं है पर बकाया था मतलब ऐसा हुआ सब लोग बैठे उन्होंने कहा की राजा अगर बीच में बैठो तुम अब बीच में बैठकर जरा अब जो पेज दे रहे हैं इसमें साइन करो ये साइन करो तो जो पेज का नाम होगा उसको
6:54 हमने बोल दिया मैग्नाकार्टा एकदम बिल्कुल मतलब पहले बार एक कोई ह्यूमन सोसाइटी में ऐसा हुआ है की एक बड़े किसी शक्तिशाली आदमी ने नहीं पर ग्रुप ऑफ लोगों ने बोलना शुरू किया वो भैया हम हमारे रब के राइट्स हैं हम सब जी रहे हैं हम सब का रहे हैं हम सब यहां पे जिंदा है और कुछ हम पे अधिकार है और वो अधिकार हम आपको बता रहे हैं 57 अधिकार अब ये अधिकार हमसे चीन नहीं चाहिए ठीक है तो एक-एक करके इन्होंने उसे स्टार ऑफ राइट्स को आगे बनाया बड़ा किया जैसे चार्ट ऑफ राइट इश्यूज बाय किंग जॉन ऑफ इंग्लैंड इन 1215 अब लिखी लैंग्वेज तो ऐसी है इश्यूज बाय किंग जॉन नहीं राजन को इशू करके नहीं पड़ा है लोगों को इन्होंने सब ने पकड़ लिया था की साइन करो पहले तब यहां से जान देंगे तब जाओगे तुम बेस्ट और हाउस अपने यहां अपने बाकी हम
7:40 पहले ऐसा हुआ ये पहले रिटर्न डॉक्यूमेंट है रिलेटिव तू डी फंडामेंटल राइट्स ऑफ सिटीजंस पहले बार बात हुई 1215 में और डेमोक्रेसी की जो हम कहते हैं ना ओरिजन जहां से हुआ है वो ग्रीक माइथॉलजी हुआ है जहां पर ग्रीक लोग हो रहे हैं जहां पे सीनेट बन रही है उनकी आपस में और वो लोग अपना चला रहे हैं अपनी कार्यशैली लेकिन वो फंडामेंटल राइट की बात नहीं हो रही है वहां पे बात हो रही है की हां डेमोक्रेसी का वो था जो जो पैदा हुई है डेमोक्रेसी वो हुई है ग्रीस में कहानी पे अब उसे चीज पे सुरेटी लोगो की कुछ हिस्टोरियन की है कुछ की नहीं है कुछ उसको रिफ्यूट करते हैं पर हम मां के चल रहे हैं की देखो डेमोक्रेसी जो पूरा लेक आया है एक एक्चुअल आज के जैसे फॉर्म में तो वो लेक आया है इंग्लैंड और इंग्लैंड के लोगों ने पहले अपने आपस में इंग्लैंड के लोग एक दूसरे के प्रति बहुत
8:25 वफादार है बाहर भारी के लिए नहीं है वफादार भारी तो उनके सब गुलाम है पूरा वर्ल्ड उनको गुलाम है 1200 बंदर की बात हो रही है अब 1215 में इन इंग्लिश लोगों ने सोचा की देखो हम मां लो अगर इंग्लैंड की पापुलेशन है मां लो उसे समय 70 80 लाख तो इन 70 80 लाख में से कुछ है दो-चार हजार जो लोग अमीर हैं तो इन अमीर लोगों ने कहा देखो हम हैं नोबिलिटी क्लास हमें बड़े क्लास बाकी है बर्गर क्लास ठीक है अब ये वर्कर क्लास जो है इसका प्रतिनिधित्व खाली हम लोग करते हैं इस राजा को बोला इनको किंग जॉन को के तुम जब अगर लोगों के लिए कोई कानून बना रहे हो हमसे बिना मर्जी के नहीं बनोगे हमसे बिना पूछे नहीं मनाओगे यह करवा दिया किसी तरीके से इन्होंने राजा को पकड़ के उसको शांतिपुर हो उससे का दिया की
9:11 अब से है अब मैग्नाकार्टा लागू हो गया है अब से एक पार्लियामेंट बैठेगी एक सब कुछ लोग होंगे ते करेंगे और अपने आप सिस्टम जलेगा तुम्हारी अकेली मनमर्जी नहीं चलेगी यह हुआ अब मां मर्जी देखो इनका गवर्नर जनरल जब इंडिया में आके अपनी मनमर्जी कर रहा है तब इन्हें डेमोक्रेसी याद नहीं ए रही है तब इन्हें चार्ट ऑफ राइट तब इन्हें फंडामेंटल राइट्स तब मैं निकलता ही नहीं बिल्कुल नहीं याद आया यह अपने लोगों के लिए 1215 में ही एक ऐसा एक ऐसा बिल ऑफ राइट्स लेक ए गए जो थोड़ा सा फंडामेंटल राइट जैसा दिखे रहा है हमारे यहां हमारे यहां जुलाना नहीं था क्योंकि ये तो गुलाम है ऐसे हो रहा था अब आप देखो इसकी फंडामेंटल राइट्स का इवोल्यूशन कैसे हुआ है थोड़ा सा बैकग्राउंड है यह हुआ है मैग्नाकार्टा 1215 में ठीक है पहले बार आया था हमारा मैग्नीफाइड ऑफ किंग जॉन 1215 फिर आया 1689 में बिल ऑफ राइट्स
9:58 जो की एक इंग्लिश पीपल के लिए पहले बार आने लगा बिल ऑफ राइट्स वास रिटन पर कंसोलेटिंग इंपॉर्टेंट राइट्स और लिबर्टीज पर इंग्लिश पीपल ये आया फिर हमारा डेकोरेशन ऑफ डी फ्रेंच रिवॉल्यूशन हमने देखा एक बार एक बच्ची ने मुझे कमेंट में पूछा था की सर हम फ्रेंच रिवीजन क्यों पढ़ने हैं फ्रेंच रिवीजन बन्ना क्यों जरूरी है भैया फ्रांस की क्रांति बढ़ाना बहुत जरूरी है फ्रांस की क्रांति इकलौती क्रांति थी जिसने पहले बार दुनिया को एक इंडिविजुअल राइट्स के बड़े में चेताया के वो सुनो अब मॉडर्न जमाना है अब नई तरह के लोग हैं अब नया सिविलाइजेशन का दूर ए चुका है तो अब हम क्या करेंगे अब जो पॉलीटिकल संगठन इस डी कंजर्वेशन ऑफ डी नेचुरल राइट्स ऑफ मां जितने भी हमारे पॉलीटिकल राइट है जितने
10:43 हमारे जितने जैसे भी हमारा आज का जो जीवन यापन चल रहा है ये चल रहा है बिकॉज़ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ नेचुरल और इनएलिबल राइट्स ऑफ मां ये हुआ क्योंकि यहां चल रहा था उसे समय फैऊदलिज्म फैऊदलिज्म क्या होता है जमीन नई टाइप मां लो की यहां पे बड़े बड़े साहूकार हैं उनको बहुत अर्बन की संपत्तियों हैं और वो साहूकार बने बैठे हैं पैसों के कोई सोच ही नहीं रहा है प्रेजेंट जो लोग हैं फैऊदलिज्म और प्रेजेंट्स की बर्बादी बस ये जान लो तो प्रेजेंट्स ने आम जनता ने अगर उठा लिए पुरी नेचुरल असेंबली बना दी सब कुछ कर दिया पूरा सिस्टम सही कर दिया उन्होंने बिल्कुल फ्रेंच रिवॉल्यूशन ऐसा बना दिया की आज दुनिया की हर किताब में हिस्ट्री किताब में पटाया जाता है स्कूल में इंपॉर्टेंट बन गया ये अब इसके बाद हमारे यहां मोतीलाल नेहरू कमेटी जो थी आजादी के
11:29 पहले ही तो इन्होंने पहले बार बोला था की हमें भी एक बिल ऑफ राइट से ये जैसा ये वेस्टर्न यूरोप में जैसा उसमें जैसा हर जगह सब जगह ये चल रहा है हमें भी भैया हमें कब मिला के डॉग हमें ला के दो ये नेहरू कमेटी ने पहले बार मां कारी थी 1928 में तभी सही हमारी मांग शुरू होगी संविधान नहीं बनाया अभी तक संविधान बने के पहले ही सब लोगों ने बोल दिया पहले संविधान सभा भी चाहिए बिल ऑफ राइट्स भी चाहिए सब तो हमारे साड़ी भरपूर हमें साड़ी सुविधा चाहिए जो आप वेस्टर्न कंट्रीज फॉलो करती हो ठीक है साहब ले लेना जब आजाद हो जो ले लेना हम आजाद हुए हमने कम ले लेंगे अब तो अब तुम पूरा पढ़ लेंगे पूरे वर्ल्ड के सारे संविधान पढ़ लेंगे और वहां से हम ले लेंगे फिर हमारा क्वेश्चन बना उसने रिफ्लेक्टर किया ये लॉन्ग ट्रेडीशन और लिस्टेड डी फंडामेंटल राइट्स 1950 से ही हमारे संविधान हैजा मेंशंड संघ हाई फंक्शन
12:16 है इंपॉर्टेंट प्रोटेक्टर ऑफ राइट्स ठीक है ये हमारा बैकग्राउंड है के भैया जब हमारा आजाद हुए हम गणराज्य हुए हम रिपब्लिक हुए तब हमने देख लिया की वो बेस्ट चीज है और कॉन्स्टिट्यूशन को ही प्रोटेक्टर बना दो इसका की ये जो संविधान है ये जो इतनी इंपॉर्टेंट किताब को हम इतनी पवित्र किताब को कहते हैं की साहब ये जो ग्रंथ है इसके ही हाथ में सब कुछ है यही प्रोटेक्टर है यही लोगों का सब कुछ ये सब सब साड़ी चीज हैं ये कॉन्स्टिट्यूशन को जिंदा रखना है ये एक लिविंग ब्रीदिंग डॉक्यूमेंट है अब इसी को हमने दे दी जिम्मेदारी के संभालो तुम ही ने बनाया तुम ही संभालो अभी हमारे संविधान हमारे यहां पे प्रोटेस्ट कर रहा है हमारे सारे फंडामेंटल राइट्स को सब तरह के राइट से हमारे पास पहले साथ तरह के होते थे आप अच्छे र गए हैं तो राइट तू
13:02 इक्वलिटी पहले बात तो 14 से 18 तक हम बात करते हैं बराबरी की पहले हम हो जैन बराबर जितने ये जो भारत में उच्च नीचे और स्वर्ण अवार्ड सारे जितने जो सारे क्लासिफिकेशन हो रखें हैं लोगों में यूनिक क्वालिटीज हैं लोगों में पहले इसको करो दूर पहले लोगों को बोलो तुम सब भारतीय हो तुम सब सिटिजन हो तुम सब घर के हमारे देश के हमारे नगरी को फिर इन लोगों को दो कुछ आज़ादियां ठीक है बराबर कर दिया अब दे दिया आजादी से लेक 22 में फिर इनके लिए कुछ एक्सप्लोइटेशन के अगेंस्ट कुछ राइट्स के इनका शोषण ना हो जाए लोगों का जो गरीब सबका है जो वंचित वर्ग है जो शोषण वर्ग रहा है शुरू से तो उसको बचाएं रखना उसको संभाले रखना के लिए फिर हमने बोला की धार्मिक आजादी सबसे पहले बात क्योंकि
13:49 हमारा देश जो है वो एक मल्टी रिलिजियस सोसाइटी है इतने तरह के घर में हमारे यहां हम तो मलगेशन ऑफ सारे रिलिजियस है हमारे यहां कितने हिंदू से एक जैन पारसी मुस्लिम जो राष्ट्रीय सब तरह के यहूदी सब सब लोग हैं हमारे यहां तो इन सब लोगों को अब जब ये ए गए हैं हमारे कहीं नहीं जा रहे तो हमें इनको कुछ इन्हें प्रोटेक्शन देंगे इन्हें सेफगार्ड देंगे के बढ़िया है अच्छे आए हो अच्छे से रहो कोई तुम्हें नहीं रोकेगा ये बात हुई फिर एक कल्चरल और एजुकेशनल राइट्स केक कुछ उनके परंपराएं हैं कुछ उनका कलर है कुछ उनकी उन भाई माइनॉरिटी का या मेजॉरिटी इसका एजुकेशनल एजुकेशनल राइट को हमें प्रोटेस्ट करना है के लोग पढ़ लिख तो लेने और सबको पढ़ना लिखना भी है इंपॉर्टेंट है राइट तू कांस्टीट्यूशनल रेमेडीज अगर इनमें
14:36 से किसी का भी कुछ हनान हुआ कुछ बिगड़ा तो भैया कहां जैन तो वो है हमारा आर्टिकल 32 सर पढ़ना है हमें चैप्टर बहुत लंबा है आराम से एक बार सुन लो की भैया किताब लेक बैठने हैं खाली लेक्चर सुनके खत्म नहीं करना है नहीं तो आपके तीन-चार घंटे पांच घंटे बेस्ट हो जाएंगे आराम से प्लीज इसको स्लोली चलाना चाहे तो फास्ट चला लेना वीडियो को जैसे का मां करें पर इस वीडियो से ही आपके नोट्स बन जान चाहिए ठीक है तो फंडामेंटल राइट्स ये हमारे हैं जो मिले हमारे खाली सिटीजंस को और ये सारे हैं जो मिले हैं सिटीजंस और फॉरेनर्स के लिए सारे देखने हैं एक-एक करके अभी देखेंगे और आर्टिकल की लैंग्वेज बता देती है की वो सिटिजन के लिए है की सब के लिए है आपको अंदाज़ ग गया होगा की ये किस-किस के लिए है नो कमिंग तू इनका साइनिफिकेंस के पहले
15:22 बात तो ये बताओ की इनकी इंर्पोटेंस क्या है सर क्यों ऐसे इतने बड़े चौड़ी बातें आप कर रहे हो क्या है क्या इसे क्या हो क्या रहा है तो हम का रहे हैं की साहब ये हमारा प्रमोट करते हैं आइडिया ऑफ पॉलीटिकल डेमोक्रेसी हमारी जितनी राजनीतिक लोकतंत्र है यह उसकी रूट को संभाले हुए हैं अगर यह ना हो तो हमारा बेडरूम ऑफ डेमोक्रेसी का रहा हूं मैं सबका सब मिल जाएगा अगर फंडामेंटल राइट से उल हो गई तो ठीक है और ये प्रीवेंट करते हैं ऐसी अथॉरिटी इन डेसपोटिक रूल इन डी कंट्री जिसका एस्टेब्लिशमेंट क्यों ना पे के कोई बहुत ऑडिटोरियम रूल एन बन जाए क्योंकि भैया हमारा पार्लियामेंट्री फॉर्म ऑफ हमारे गवर्नमेंट होती है हमारे यहां कोई ऐसा तो है नहीं की बस एक ही एक रोलर
16:10 होगा एक ही एक कोई होगा हमारा तो हमेशा लोग सुनते हैं सरकार और हर 5 साल में सुनते हैं सरकार तो हमारे यहां कोई तानाशाही ना हो सके कोई ऑडिटोरियम रूल ना पैदा हो जाए किसी का एकदम ऐसा नहीं हो जाए की कोई किंग चार्ल्स बन जाए यहां पे कोई नहीं चार्ज डी फर्स्ट ये वाले चार्ज नहीं कोई और 2 अप्रैल आज लिमिटेशंस ऑन डी ट्रेन ऑफ डी एग्जीक्यूटिव एग्जीक्यूटिव की तानाशाही पे कार्यपालिका मतलब जो सरकार होती है सरकार बेसिकली पार्लियामेंट इंग्लिश टीचर होता है बड़ा उसमें से एग्जीक्यूटिव पैदा होता है अब एग्जीक्यूटिव इस बोर्न आउट ऑफ डी वर्म ऑफ पार्लियामेंट तो एग्जीक्यूटिव मैन हमारे सारे मंत्री दाल हमारा सहारा जितना कैबिनेट हमारे सारे प्राइम मिनिस्टर काउंसिल ऑफ मिनिस्टर के मिनिस्टर उनका काउंसिल ऑफ मिनिस्टर इसको कहते हैं एग्जीक्यूटिव कार्यपालिका तो ये
16:57 कार्यपालिका की की क्योंकि कार्यपालिका का ही कम है सरकार चलाना पार्लियामेंट ऑफ खाली रूल बना के छोड़ देती है डॉ बना के छोड़ देती है डॉ को इंप्लीमेंट करवाती कार्यपालिका हमारी तो कार्यपालिका कभी तानाशाही ना कर बैठे कभी कोई ऐसी बात ना कर दे जो की लगे की ये क्या कर दिया ये तो इन्होंने ट्रेनिंग कर दी इन्होंने इन्होंने यहां पर तानाशाही कर दी उन्होंने जो पहले राज्य महाराजा करते थे जो हमारे सारे जितने ये असर जा सिराजुद्दौला जितने सारे हमारे अंग्रेज ये सारे हमारे मुगल रहे हैं उसके बाद हमारे जो अंग्रेज आए उन्होंने भी गाना चाहिए खूब कारी है तो उसे तानाशाही से बचाने के लिए ये इमिटेशन का कम करते हैं हमारी इसी एग्जीक्यूटिव पे और आर्बिट्रेरी लॉस ऑफ डी लिस्ट टीचर को रॉक देते हैं की अगर पार्लियामेंट नेचर कोई ऐसा कानून ला दे जो आर्बिट्रेरी है जो इसका कोई रीजनिंग स्ट्रांग नहीं है तो उसको रॉक देते हैं ये सबसे एसेंशियल है पर
17:42 डी जो राउंड डेवलपमेंट ऑफ डी इंडिविजुअल हमने देखा ही बराबरी का अधिकार है उनको उनको आज़ादियां हैं उनको सब कम करने की जो भी करने आजादी देखनी है अभी आगे फिर उसके बाद उनकी धार्मिक आजादी तो उनकी साड़ी आजादियों की सुरक्षा पता है उनका जो राउंड विकास हो सके उनका बहुमुखी विकास हो सके ठीक है मल्टीसीड डेवलपमेंट नो मोस्ट फंडामेंटल राइट्स आर डायरेक्टली इंफोजेबल मतलब की सेल्फ एक्सप्लोई है सेल्फ एग्जीक्यूटरी है के उनको लागू करने के लिए कोई कानून नहीं चाहिए और कुछ ऐसे हैं कुछ ऐसे हैं जिनको एनफोर्स करने के लिए एक कानून की जरूर पड़ती है कानून लाना ही पड़ता है जैसे राइट तू एजुकेशन आपको पता ही है इतना आम हो गया है नो इनका फीचर क्या है अभी हमने अच्छी इंपॉर्टेंट क्या क्या है अब देखना इनमें खासियत है क्या
18:29 क्या है तो पहले फीचर हमें देखते हैं सम ऑफ अवेलेबल ओनली तू डी सिटीजंस विले आदर्श अवेलेबल तू जो सिटीजंस फॉरेनर्स और लीगल परसंस लाइक कॉरपोरेशन और कंपनी ठीक है सबके पास है अब ये क्वेश्चन जो आप लास्ट में पूछ रहे हो मुझे की सर लीगल कॉरपोरेशन कंपनी मतलब मैन क्या तो इसका मतलब ये है की देखो कंपनी एक्ट के तहत जो कंपनी को ही होती है जैसे प तो प फर्स्ट ऑफ जो फीडब्ल्यू आप लोग तो कहते हो प इस नोट एन कंपनी इट्स एन इमोशन वेल थैंक यू पर प इन थ्योरी ऑन पेपर्स अकॉर्डिंग तू गवर्नमेंट इसे एन कंपनी तो प को कंपनी को हम एक लीगल बॉडी की तरह ट्वीट करते हैं हम बोलते हैं की ये भी एक कंपनी है और इस कंपनी की भी
19:16 अपने ही सैलरी है ये कंपनी में एक लिविंग बॉडी है ठीक है लिविंग नहीं चलो नॉन लिविंग के लिए पर इस कंपनी के पास कुछ राइट्स हैं ऐसा नहीं होता की सरकार कल को ये खड़े होके का दे की खाली हम प को टैक्स फ्री करते हैं बाकी साड़ी जितने भी और कंपनियां हैं जितने भी सब कुछ हैं इन सब से टैक्स लेंगे ये डिस्क्रिमिनेटरी होगा ये भेदभाव करेगा तो ऐसा नहीं हो सकता अब इसके लिए क्या बोला गया की देखो हम कुछ फंडामेंटल राइट दे रहे हैं जो आदमियों के लिए भी है इंसानों के लिए भी हैं नागरिकों के लिए भी हैं जो नागरिक नहीं है उनके लिए भी हैं और जो इन दोनों में से कुछ नहीं है जो इंसान इंसान नहीं है यानी की कोई कॉरपोरेशन यानी की कोई कंपनी कॉरपोरेशन मैन कोई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन हो गई कोई अमूल हो गया कोई रिलायंस हो गया कोई टाटा हो गया ये साड़ी भी कंपनियां हैं कॉरपोरेशन हैं बड़ी-बड़ी
20:02 होल्डिंग्स हैं ये तो इनके पास भी अधिकार हैं राइट तू इक्वलिटी है इनके पास की आप बराबरी का आपको अधिकार मिल सकता है सब बिल्कुल कानून नजर में सब बराबर है ये बोला गया है नोट एब्सलूट बट क्वालिफाइड एब्सलूट मैन जैसे उस में होता है तो उस में क्या होता है की उस में हमने आपने सुना होगा की सेकंड अमेंडमेंट फर्स्ट अमेंडमेंट तो वहां पे फर्स्ट अमेंडमेंट बहुत ही बड़ी बात थी मतलब वहां पे क्या हुआ की पहले बार जब संविधान बन गया उसमें अमेंडमेंट हुआ तो वो अमेंडमेंट ने क्या किया फ्रीडम ऑफ स्पीच को फ्रीडम ऑफ स्पीच को फ्रीडम ऑफ स्पीच बोलने की आजादी वहां पे एब्सलूट है मतलब क्या होता है की वहां पे कोई भी कुछ भी बोल सकता है किसी के खिलाफ
20:49 अब वहां पर राष्ट्रपति के खिलाफ आप देखते हो डोनाल्ड ट्रंप रहे हो जो बर्डन रहे हो या उसके पहले के हो तो ये लोगों की खिलाफ भी मीडिया बहुत कुछ लिखती है बहुत कुछ बोलती है ओपनली बोलती है और कोई डेफिनेशन या कोई ऐसा कैसे नहीं होता वो लोग वो लोग विद प्रूफ बोलते हैं वो लोग सब कुछ बोलते हैं तो वहां पे क्या है जो फ्रीडम ऑफ स्पीच है ना वो एब्सलूट है उसे पर कोई रोकथाम नहीं है उसे पर कोई ऐसा नहीं है की आप आपके पास आजादी तो कुछ भी बोल रहे हो यार ऐसा मत बोला करो वहां ऐसी चीज नहीं चलती है वहां सब चला है वहां आप बेझिझक बोलो बस आपको फ्रीडम ऑफ स्पीच है आजादी है वहां पे गण रखना की आजादी है लोगों के पास तो ऐसी आजादी हमारे नहीं है हमारे यहां हमारे जो राइट्स हैं वो क्वालिफाइड हैं हमारे राइट्स मैन उनके साथ एक कवाली उनकी
21:35 सेट है की इसके ऊपर गए तो थोड़ा सा प्रॉब्लम इतनी ज्यादा इवॉल्व डेमोक्रेसी नहीं है हम अभी उभरती हुई डेमोक्रेसी हैं हम डेवलपिंग नेशन है तो हमें उसे तरीके से हमें सोसाइटी को देखना पड़ता है डील करना पड़ता है तो हम एब्सलूट दे देंगे तो पता नहीं लोग यहां क्या कर बैठे हैं ये तो लोग भी इतने 150 करोड़ की आवाज आई है तो हमारे यहां तो ये भी हो सकता है की कोई ऐसी बात का दे जो बिल्कुल ही उत्तेजक हो बिल्कुल ही एकदम ऐसी बात हो बिल्कुल खराब बात का दे वो चीज अच्छी नहीं होगी तो हमारे यहां एब्सलूट नहीं होगी कोई चीज हमारे होगी क्वालिफाइड फंडामेंटल राइट्स सब आर नेगेटिव इन करैक्टर और समर पॉजिटिव मतलब क्या है की कुछ फंडामेंटल राइट्स की लैंग्वेज ऐसी है नो परसों सेल भी स्टेट शैली नोट डिस्क्रिमिनेशन ऐसा कुछ तो ये नो नोट नान
22:21 ये वाले शब्द ए रहे हैं ये नेगेटिव है इन करैक्टर ठीक है और कुछ होते हैं पॉजिटिव जो बोलते हैं की हां सबके पास अधिकार है यू जो हैव डी राइट तू एन फ्री स्पीच और एक्सप्रेशन जो भी है सब कुछ है ठीक है तो फ्रीडम स्पीच और एक्सप्रेशन अब ये पॉजिटिव है ये बोल रहा है की हां आप यह भी कर सकते हो ये भी कर सकते हो और कुछ राइट ऐसे होते हैं की हां कोई परसों के साथ ये नहीं होना चाहिए तो यानी की दोनों नेगेटिव पॉजिटिव ऐसे तरीके हमारे आर्टिकल हमारे फंडामेंटल राइट हमारे बेट हुए हैं बहुत सर अवेलेबल रिएक्शन ऑफ डी स्टेट कई सारे तो जो होते हैं वो स्टेट की राज्य की राज्य की तानाशाही के खिलाफ ही होते हैं ये देखो स्टेट ये ना कर दे कभी लोगों के साथ स्टेट कभी ये ना करते लोगों के साथ तो ऐसा कुछ विद एन फू एक्सेप्सनस लाइक दो अगेंस्ट डी स्टेटस एक्शन और अगेन डी एक्शन ऑफ
23:08 प्राइवेट इंडिविजुअल्स ठीक है अब मेरे जो अधिकार है मेरा राइट तू लाइफ और पर्सनल लिबर्टी ही है तो वो मेरा अधिकार सिर्फ स्टेट के अगेंस्ट ही नहीं है वो मेरा अधिकार आपके साथ भी है मां लो मैं आपके बीच में गया आपने मुझे पकड़ लिया आपने कहा की सर हमारे तीन डाउट बताओ दूसरा बोलेगा मुझे पांच डाउट है मेरे ये बताओ छह डाउट है मेरे ये बताओ और मैं कहूंगा भाई मुझे क्लास लेने जानिए दूसरी तो आप खाओगे की नहीं नहीं डाउट बता के जो आपने मुझे पकड़ लिया आपने मुझे घर लिया तो मैं वहां से भाग नहीं का रहा हूं अब मैं क्या करूं ऐसे में तो ऐसा तो है नहीं की आप किसी राज्य के लोगों ने मुझे पकड़ लिया है पड़ा दो हम आम भारतीय एक दूसरे को पकड़ लिया आप भी भारतीय मैं भी भारतीय हूं हम दोनों प्राइवेट हैं हमने दूसरे को अगर पकड़ लिया तो वो कहलाता है सिमिलर रेस्ट ठीक है की हमने मतलब एक प्राइवेट इंडिविजुअल नए प्राइवेट इंडिविजुअल को पकड़ लिया बिना
23:53 किसी पुलिस के इंवॉल्वमेंट के अब इसके खिलाफ भी मुझे प्रोटेक्शन दे रहा है ऐसा फंडामेंटल राइट तो मतलब क्या है की स्टेट की आर्बिट्रेरी पावर के अगेंस्ट तो है ही मेरे पास अधिकार और कुछ-कुछ अगर अधिकार है जो प्राइवेट इंडिविजुअल के भी है मेरे पास यह समझना वाली बात है की एकदम मतलब एकदम इन्हें आप टच भी नहीं कर सकते ये एकदम सैक्रोसैंक्ट है ये एकदम बिल्कुल पवित्र है ये एकदम ऐसे हैं की बस इन्हें ये बार लिख दिए तो लिख दिए अब नहीं चेंज होंगे तो ऐसा नहीं है परमानेंट नहीं है हमारे यहां ठीक है कैन वे अमेंडेड बाय डी पार्लियामेंट ऑफ इंडिया ऑफ कोर्स बिकॉज़ पार्लियामेंट इस पार्लियामेंट इस गॉड इन डी सिस्टम ऑफ इंडियन पालिटी तो पार्लियामेंट कुछ भी कर शक्ति है गारंटीड
24:39 और प्रोटेक्टेड बाय डी कॉन्स्टिट्यूशन ये तो बात सही है ये तो है ही सस्पेंशन ड्यूरिंग इमरजेंसी क्या इमरजेंसी लगेगी जब 30052 56 के तहत अब कुछ ऐसे फंडामेंटल राइट्स हैं जो खत्म हो जाएंगे और कुछ है जो नहीं खत्म होंगे कौन से कौन से हैं बताइएगा जरा ठीक है नेशनल इमरजेंसी जब लगती है नोट राइट गारंटीड में आर्टिकल 20 और 21 लो नीचे की आंसर अब क्या पूछूं मैं ठीक है आर्टिकल 20 और 21 के तहत जो आपको अधिकार मिले हुए हैं वो आपसे छीन नहीं जाएंगे आर्टिकल 19 में भी ओनली इमरजेंसी डिक्लेयर्ड ऑन डी ग्राउंड ऑफ वार और एक्सटर्नल अग्रेशन याद रखिएगा नेशनल मेडिक लगाने के तीन ग्राउंड होते हैं ठीक है तीसरा एक ग्राउंड इसमें नहीं है दो ग्राम के ऊपर अगर इमरजेंसी लगा दी गई
25:27 तब आपका क्या होगा की आर्टिकल 19 तब है जाएगा और नोट ऑन डी ग्राउंड ऑफ जब तीसरा वाला आता है आम रिबेलीयन ठीक है तब जब आप रिबेलीयन लगेगा आमीन हो रहा होगा देश में ये क्या होता है के इंडिया के लोग ही आपस में एक बार बंदूके उठा लेने तब उसे कैसे में क्या होगा यहां भैया तुम्हारे फंडामेंटल राइट को तो अच्छी जाएगी बाद में ये नहीं है कैसे इन दो ग्राउंड्स पे अगर मैं उनसे लगी तब आर्टिकल 19 के तहत भी आपके फंडामेंटल राइट चले जाएंगे स्कोप ऑफ ऑपरेशन है तीन आर्टिकल्स यह जो जितने फंडामेंटल राइट अभी हम आगे पढ़ेंगे आर्टिकल 14 से लेकर आर्टिकल 35 तक तब अगर यह खाली आर्टिकल 31 ए बी सी की वजह से कभी इनका स्कोप लिमिट हो जाता है कभी इनका जो अंब्रेला है इनका जो छाता है वो थोड़ा छोटा हो जाता है क्या-क्या है 31 ए बी सी
26:14 31 एक आता है जब कोई ऐसे ही हम कानून बनाएंगे सरकार बनाएगी जो लोगों की संपत्तियों ले रहा होगा एक्वायर कर रहा होगा या रिक्विजिशन या रिक्विजिशन कर रहा होगा उसके बदले मुआवजा देगा जो भी करेगा तो अगर उसके लिए कोई कानून बनाया जाएगा तो वो आर्टिकल 14 19 या किसी का उलझन नहीं है उसे पे मत कोई कुछ कोड शब्द कुछ कहना था हमसे ठीक है आर्टिकल 31 भी क्या कहता है सर्टेन एक्शन इंक्लूड इन डी नाइन शेड्यूल जो जो एक्ट नेवी शेड्यूल में लिखे हुए हैं नवी अनुसूची में लिखे हैं संविधान के लास्ट में तो क्या होता है 9 शेड्यूल मैंने आपको शायद आपको याद हो मैंने आपको पटाया था पहले भी के 9 शेड्यूल में जितने भी एक्ट्स लिखे हुए हैं वो इसलिए बनाया शेड्यूल ताकि इन एक्ट्स को कभी कोर्ट कभी छुए नहीं कभी कोट्स इनके ऊपर कोई उठा के कोई क्वेश्चन ना खड़ा कर दे तो सरकार ने
27:00 कोर्स सरकारी नया शेड्यूल बनाया शेड्यूल में डेल उन्होंने शुरू में तो डेल थे 13 13 ऐसे तेरा एक्ट थे जो की लैंड एक्वायर करने के थे जिम्मेदारी एब्ल्यूशन के एक्ट थे यह सारे लैंड रिफॉर्म्स के एक्ट थे के अगर इनको भी इन पर भी कैसे चला रहेगा तो कैसे खत्म ही नहीं होंगे तो ये नवाज शेड्यूल बना लो जिसमें ऐसे जिसमें ऐसे एक्टरों को दाल देंगे इन एक्ट को कभी कोर्ट कभी छूएगी नहीं हम ऐसा मेंशन कर देंगे यही पे तो इसकी वजह से क्या हो रहा था की लोगों ने की भाई सुप्रीम कोर्ट ने कहा की ये तो यार चीटिंग हो गई हमारे साथ ये तो हम जुडिशल रिव्यू हमारा इसमें हो ही नहीं पाएगा तो फिर उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बाद में बोला 73 में जाके बोला ये तो पहले अमेंडमेंट के तहत आया था फर्स्ट अमेंडमेंट बिल्कुल आजाद होते ही तुरंत बिल्कुल पहले सरकार बनी है पहले अमेंडमेंट ए गया फिर 1950 से लेकर 73 तक सुप्रीम कोर्ट
27:48 सोचती रही की यार ये तो लफड़ा ज्यादा हो गया इसको कल करो फिर उन्होंने 1973 में बोल दिया की ऐसा है सुनो आप होशियार हो मां लिए ठीक है वेल प्लेज अब ऐसा है जितने जो आपके यह जो आप एक्ट डेल हो उसमें तो 24 अप्रैल 1973 के पहले के जो एक्ट हैं उन्हें छोड़ दो उसके बाद जो आपने डेल होंगे इसमें वो सब हम ज्यूडिशरी रिव्यू करेंगे उसे पर ठीक है बेटा बहुत बढ़िया हुआ अब देखो तुम तो 1973 के बाद के जितने एक्ट होंगे जो एक्ट्रेस में डेल गए होंगे जो की कोई ऐसा कोई ऐसा कम करने के लिए ले गए हैं क्योंकि उससे किसी का संपत्ति जा रही है उसे किसी के राइट तू प्रॉपर्टी जा रहा है उससे किसी का राइट तू क्वालिटी जा रहा है कुछ जा रहा है अगर वो एड यहां पर डेल हुए हैं और 73 के बाद आए हैं 1973 के बाद आए हैं तब उनको हम उठा लेंगे ऐसा बोला
28:34 गया ठीक है सेविंग ऑफ लॉस गिविंग इफेक्ट तू सर्टेन डीपीएसपी अगर कुछ डायरेक्टर प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी आपका अगला चैप्टर है तो डीपीएसपी को अमल में लाने के लिए अगर हम कुछ एक्ट लेकर आते हैं तब भैया ऑन एक्ट को आप चैलेंज नहीं करोगे इस बात पे की हां ये तो फंडामेंटल राइट के खिलाफ जा रहा है ऐसा नहीं होना चाहिए फिर ठीक है वह वाले एक्ट फिर आपके ऊंचार्टेड रहने चाहिए उसे पे कोई वो नहीं होना चाहिए नो आर्टिकल 12 पे आओ पहले आर्टिकल 12 क्या का रहा है की पहले तो जान लो स्ट्रेट क्या होता है क्योंकि क्या होगा आगे जब मैं आपको कॉन्स्टिट्यूशन पढ़ेंगे जब हम तब उसमें हम देखेंगे की हर जगह मेंशन हो रहा है स्टेट हर जगह मेंशन हो रहा है राज्य हर जगह मेंशन हो रहा है स्टेट ये स्टेट वो तो स्टेट क्या है तो सुप्रीम कोर्ट ने भी और
29:21 कॉन्स्टिट्यूशन ने भी स्टेट की डेफिनेशन दे राखी है की देखो पहले बात तो ये है की जो आर्टिकल 12 का रहा है स्टेट को स्टेट का मतलब हो गया इस समय पार्लियामेंट प्लस स्टेट लेजिसलेच्योर प्लस और भी कोई और भी कोई नीचे की लोकल गवर्नमेंट लोकल गवर्नमेंट प्लस कोई और ऐसी बॉडी जो कम कर रही हो स्टेट की एजेंसी होने के नाइट जैसे मां लो कोई आ वेंडर जो नगर निगम का वेंडर है एक या उसको कहते हैं ठेकेदार का लो जो क्या कर रहा है की आपकी पार्किंग देख रहा है या आपका कुछ भी ऐसा कम देख रहा है तो यह सारे लोग जो एक्टिंग स एक्टिंग स
30:07 एन आम एन आम ऑफ डी स्टेट ऑफ डी स्टेट यह सारे लोग स्टेट बनाते हैं ऐसी साड़ी बॉडी जितनी भी हैं चाहे पार्लियामेंट हो हमारा संविधान सांसद हमारा सैटेलाइट हो कोई भी हो यह तो सारे सरकारी यही है ऐसे कुछ प्राइवेट आदित्य भी हो सकते हैं जो सरकार का कम कर रहे हो ठीक है अभी मेरे को एग्जांपल दिया आपको सफाई कर्मचारी होंगे जो प्राइवेट ठेकेदार होंगे तो यह सारे लोग भी उसे समय स्टेट की स्टेट के रिप्रेजेंटेटिव है जनता के सामने प्राइवेट बॉडी और एन एजेंसी वर्किंग स एन इंस्ट्रूमेंट ऑफ डी स्टेट जल विद इन डी मीनिंग ऑफ स्टेट अंदर आर्टिकल 12 ये बात
30:54 क्लियर हो गई अभी स्टेट में क्वेश्चन आया है एक क्वेश्चन खड़ा हुआ गवर्नमेंट पार्लियामेंट यह तो स्टेट है गवर्नमेंट लाइसेंस ऑफ डी स्टेटस यह भी स्टेट है ऑब्वियसली है साड़ी लोकल अथॉरिटी जैसे हमारी कलकत्ता डार्क लेवल बोर्ड ये हो गया ठीक है आदर्श नॉन अथॉरिटी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया आपको लोगो दिखे भी रहा है हां दिखे रहा है ठीक है सो पर क्या स्टेटमेंट नहीं है क्या ज्यूडिशरी स्टेट है यस ज्यूडिशरी जस्ट भाई ज्यूडिशरी का स्टेट वो पार्ट है जब वो जुडिशल फंक्शन ऑफ ज्यूडिशरी निभा रही होगी ठीक है नॉन विजुअल फंक्शंस ऑफ ज्यूडिशरी कॉम अंदर स्टेट नहीं सॉरी मैं गलत बोल दिया आई एम सॉरी आई एम सॉरी
31:49 अपना कम कर ही रही है बैलेंस लगा रही है पूरे स्टेट की तंत्र पे तब वो खुद स्टेट के हिस्सा क्यों बन रही है नहीं बन्ना चाहिए उसको इसीलिए फंक्शन नहीं ए रही है बाकी सारे जब वो कम कर रही है अपना रिक्रूटमेंट कर रही है अपना कोई और कोई और नीचे के कोई गाइडलाइन पास कर रही है नई जगह कोई पार्किंग बन रही है नई जगह कोई कम चल रहा है तब वो नोनेशन फंक्शन है ठीक है वो सर स्टेट का जिम्मेदारी वो सर स्टेट के अमेंड में आएगा पर ऐसे कम नहीं आएंगे जब वो अपना में रोल निभा रहे हैं क्योंकि वो ज्यादा से ज्यादा चेक तो लगा रहे हैं खाली राज्य के तंत्र पे ना अब स्टेट जो सुप्रीम कोर्ट हाय कोट्स में ज्यूडिशरी में जो कैसे जा रहे हैं आप देखो उसमें से 50% से ज्यादा तो एक लिट्टी और पार्टी होती है वो खाली सरकारी होती है सरकार क्या तो खिलाफ कैसे होता है
32:35 यह सरकार किसी के खिलाफ कैसे कर रही होती है ऐसे ही होता है 50% से कम ऐसे कैसे है जहां पे दो न्यूट्रल प्राइवेट पार्टी है जो स्टेट जैसी नहीं है ऐसा है बीसीसीआई यह बड़ा टिपिकल क्वेश्चन आया था यह डिफिकल्ट क्वेश्चन है यूनाइटेड नेशंस नोट एन स्टेट अंदर आर्टिकल 12 इस पे कैसे हो रखा था एक बार अभी दिल्ली हाय कोर्ट में कैसे हुआ था दिल्ली हाय कोर्ट ने बोला था यूनाइटेड नेशन इस नोट एन स्टेट अंदर आर्टिकल 12 और इस नोट अवेलेबल तू आईटी ड्यूरेशन अंदर आर्टिकल 226 लोग इनको लेकर पहुंच गए हमारे दिल्ली हाय कोर्ट में की साहब देखो क्या हो रहा है तो पहले बात तो उन्होंने कहा की ये तो स्टेट ही नहीं है आप क्यों इसे फंडामेंटल राइट इसे बनवाने की बात कर रहे हो ये पहले बात तो ये हमारे स्टेट का पार्ट नहीं है हमारे सेट का पार्ट जो है वो अपने पीछे देखो क्या-क्या है और ये वाला एंगल हमारा सेट का पार्ट है
33:22 नो नेक्स्ट कम तू यह कैसे हुआ था नरेश मिराज करके 1966 जैसे हिदायतुल्लाह जी बहुत बड़े जस्टिस थे तो इन्होंने अपनी डिसेंडिंग ओपिनियन में बोला था की ज्यूडिशरी शुड बी पोर्ट अंदर डा अंबित ऑफ आर्टिकल 12 होना चाहिए अदर वाइस डी कोड्स वुड बी अलाउड तू मेक रोज विच वायलेट डी फंडामेंटल राइट्स ऑफ डी सिटीजंस यह जैसे तभी बोला है सोच रहे हो आजादी के जस्ट 20 साल बाद यह का रहे हैं जस्टिस साहब की ज्यूडिशरी को स्टेट के अंबेट में लो आर्टिकल 12 के अंदर लेक आओ ताकि हमारे कोट्स ऐसे रूल ना बनाया जो बिल्कुल आर्बिट्रेरी हो जो बिल्कुल फंडामेंटल राइट्स के खिलाफ ना चले जैन फिर अगला कैसे देखो रूप हो रहा है वर्सेस अशोक
34:12 राइट और डेट आईटी इस सेटल पोजीशन ऑफ डॉ थॉट्स सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस डिड नोट फल विद इन डी अंबित ऑफ स्टेट और अगर अथॉरिटी अंदर आर्टिकल 12 जो अगर अथॉरिटी करके लिखा हुआ है पार्लियामेंट फ्रस्ट्रेटेड गवर्नमेंट प्लस लोकल गवर्नमेंट प्लस अदर ऑथेंटिक कुछ भी करके तो इस कैसे में बोला गया 2002 में के हां सुप्रीम कोर्ट ने फिर बोली ये बात की हां हम नहीं है हम नहीं है नहीं है नहीं हम आपके ऐसा नहीं है स्टेट के हैं डेट ये एक सेटल्ड सेटल पोजीशन ऑफ डॉ है की सुपीरियर कोर्स ऑफ जस्टिस दिल्ली हाय कोर्ट हो अंदर हाय गोल्ड हो अप हाय कोर्ट हो इलाहाबाद हाय कोर्ट जो भी है और हमारी सुप्रीम कोर्ट तो ये फल नहीं करती हैं इस आर्टिकल 12 के अंबेडकर के अंदर जिसमें अदर अथॉरिटीज लिखा हुआ है और इनका कम जब ये कम करती है अपना जुडिशल प्रेसिडिंग कर रही
34:58 होती हैं तब ये कोई वायलेट नहीं करती किसी फंडामेंटल राइट्स दोनों बातें हो गई फिर एक बात देखो रिजु प्रसाद शर्मा के कोर्ट ने फिर बोला जब कोर्ट इस एक्टिंग इन इट्स जुडिशल कैपेसिटी कैपेसिटी आईटी कैन नोट बी रिगार्डेड आगे एन स्टेट हॉवेवर उनका एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन इस अमन इस इस अमिनेबल तू डी तू डी रेड क्षेत्र कैपेसिटी में कम कर रही है बोर्ड अपना वो स्टेट का पार्ट नहीं है यहां से डॉ की लैंग्वेज शुरू हो चुकी है थोड़ा समझना शुरू करना नहीं समझ में आए तो कमेंट में पूछना मैं बता दूंगा नो याद रखना की स्टेट का हमने डेफिनेशन पढ़ लिया अभी तक अब आर्टिकल 12 हमारा एक चीज समझा गया हमको कैसे स्टेट क्या है और इस स्टेट क्या नहीं कर सकता है क्या कर सकता है क्या राइट दे रहा है क्या छन रहा है जो भी कर रहा है
35:44 ठीक है स्टेट मैन पार्लियामेंट सेंटर स्टेट अदर अथॉरिटीज लोकल गवर्नमेंट ऐसे वेंडर जो स्टेट का कम निभा रहे हैं उसे स्टेट का कम कर रहे हैं वो सारे लोग ये सब बोला गया नो कॉम आर्टिकल 13 आर्टिकल 13 ने पहले बार एक ही बात बोल दी के सारे संविधान सारे फंडामेंटल राइट्स सारे ए गए हैं और मेरी ध्यान से सुना अगर कोई ऐसा कानून होगा जो फंडामेंटल राइट के अगेन जाएगा उसको मैं दाल दूंगा बस साफ सीधी बात जो लॉस इन कंसिस्टेंट और इन डेरिवेशन विथ फंडामेंटल राइट्स बिल बी स्टैंडर्ड नल और व्हाइट ये खत्म हो जाएंगे ठीक है अगर कोई भी ऐसा कोई कानून आया जो फंडामेंटल राइट्स के आगे बाढ़ रहा है वरना मेटा लाइट्स को कैट रहा है तो वो कानून जो है वो
36:29 नालंदावॉइड कल आएगा वो कानून खत्म हो जाएगा ये एक्प्रेसिवली प्रोवाइड पर डी डॉक्टर और ऑफ जुडिशल रिव्यू जुडिशल रिव्यू पहले बार बोल दिया इन्होंने मतलब इसको पढ़ के समझ में ए जाता है की यह कम कौन निभा पाएगा पार्लियामेंट नहीं करेगी ऐसा कम पार्लियामेंट कम में बनाया पार्लियामेंट सोचा की फंडामेंटल राइट्स इनके छन लेते हैं और फंडामेंटल राइट खुद और पार्लियामेंट खुद ही ऐसा कानून बना देगी जो बाद में खुद हो जाए तो वो तो नहीं बनाई ऐसा कानून बना तो ये तो बनाने का बना देगी नैलेंट शब्द कौन करेगा ज्यूडिशरी क्या बात है सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली हाय कोर्ट यह साड़ी हाय कोर्ट के पास पावर है की इन्हें उसे लोगो को पढ़ना है और देखना है की क्या ये फंडामेंटल राइट के ऊपर नीचे जा रहा है ये फंडामेंटल राइट को कैट तो नहीं रहा है अगर कैट रहा है तो इसको बैंड कर दो फिर ये लॉक खत्म हो जाएगा ठीक है मोती मोती बात डी टॉम डॉ का मतलब क्या है
37:17 अभी यहां पे ये जो डॉ शब्द उसे हुआ है डॉ का मतलब डॉ का बहुत ही वाइडर मीनिंग दिया हुआ है यहां पे और अन्य ऑफ डी फॉलोइंग कैन बी चैलेंज इन ए कोड आज वॉयलेटिंग फंडामेंटल राइट और कैन बी डिक्लेयर्ड वाइड क्या है डॉ क्या क्या है परमानेंट लॉस एनेक्टेड बाय डी सेंटर इन स्टेट जो डॉ बनाते हैं मोटर व्हीकल एक्ट ठीक है जो मैं ये कोई भी डोमेस्टिक वायलेंस पैक है सब कुछ है बहुत सारे एक्ट हैं कंपनी लॉस एग्जांपल में नहीं है तो लॉक कैसे बनेगा एक्ट कैसे बनेगा फिर क्या किया राष्ट्रपति को बोला की राष्ट्रपति सर हमारे आपके पास एक अध्यादेश लेकर साइन कर दो तो राष्ट्रपति साइन करते हैं उसे पे अध्यादेश कहते हैं उसे ऑर्डिनेंस प्रोमुलगाते करना क्योंकि लाइफ होती है अगर ऑर्डिनेंस फिर
38:02 सदन जब सेशन में आएगा अगर पार्लियामेंट में फिर उसको रतीफाई नहीं किया सही नहीं किया उसको यस ओके करके उसको मेजॉरिटी के पास नहीं किया तो इनका वो ऑर्डनेंस खत्म हो जाएगा 6 महीने की लाइफ होती है उसकी नो स्टडी इंस्ट्रूमेंट क्या-क्या एग्जांपल डेलीगेटेड लेजिसलेशन एग्जीक्यूटिव लेजिसलेशन लाइक ऑर्डर्स लोग ये क्या चीज है ये कैसे शब्द ए रहे हैं इसका मतलब क्या है स्टेट्यूटरी मैन जब पार्लियामेंट ही ये बोलना है की देखो सुनो हम पांच 550 लोग बहुत ज्यादा है ठीक है हम हर छोटी-मोटी चीज के लिए हम पासवर्ड 500 लोगों को बुला रहे हो आप लोग मीटिंग कर रहे हो सद्दाम का इतना खर्चा होता है लोकसभा का राज्यसभा का एक कम करो आप सरकार तो हो ही और हमारे बीच में से ही आए हो तो एक कम करो आप हमारी तरफ से कुछ पावर ले लो यार सरकार यही
38:47 मंत्रिमंडल यही तो हमारी जिसके कैबिनेट जिसके हेड होते हैं प्राइम मिनिस्टर तो क्या होता है की कुछ नेगेटिव अपने आप से कानून बनाता है ठीक है एग्जीक्यूटिव मतलब कार्यपालिका मतलब मंत्रिमंडल मतलब कैबिनेट मतलब काउंसलर मिनिस्टर्स हमारे सारे तो यह एग्जीक्यूटिव का कानून बनाता है तो उसको कहते हैं हम की हमने लेजिसलेशन को डेलीगेट कर दिया है रजिस्ट्रेशन को डेलीगेट कर दिया है दूसरे अथॉरिटी को दे दिया है की तुम हमारे व्याप्त कम कर लो ठीक है तो ये जब कानून बनती है कार्यपालिका अब इसको भी हम कहते हैं की हां ये भी वो इंस्ट्रूमेंट हैं और ये भी डॉ के एंबेड में आएगा डॉ वर्ल्ड के अंबित में आएगा ये भी रहेगा नॉन-ले सोर्सेस ऑफ डॉ कैसे क्या किया कोई कस्टम कोई प्रथम चल रही है यूजेस हेविंग डी फोर्स ऑफ डॉ ऐसी कोई प्रथम है किसान ये
39:34 तो बड़ी अच्छी है और इसको पता नहीं क्या लिखोगे कानून में है तो है ही शुरू से ही है तो मत लिखो तो मत इसको लिखने की जरूर भी नहीं है अभी चलती ए रही है तो ऐसी प्रथम को भी ऐसे कस्टम को भी ऐसे कोई ऐसे कुछ ऐसे ट्रेडीशंस को भी जिनके पास लो की ताकत होती है जो हेडिंग डी फोर्स ऑफ डॉ तो इनको हम बोलेंगे की हां इनके पास पावर है और ये भी एक ये भी एक डॉ शब्द के अंदर आएंगे अगर ऐसा कोई भी डॉ जो फंडामेंटल राइट्स के इनकम इन कंसिस्टेंट हुआ वो चलो वो माना नहीं आएगा वो चले जाएगा है जाएगा ये बात हुई नो तीन के देखो शनिदेव प्रसाद वर्सेस जूनियर ऑफ इंडिया गैस इसी वर्ल्ड में किस हुआ है नो सुप्रीम कोर्ट बोला की अमेंडमेंट तू डी कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन
40:19 हैं ऐसा क्यों बोलेंगे यह इन्होंने पता क्या बोला यहां पे साथ में उन्होंने बोला की ऐसा है पार्लियामेंट के पास जो है पहले बार तो पावर बहुत है अनलिमिटेड पावर है जो मर्जी से करो आराम से करो बिंदास करो और अगर संविधान में अब छेड़छाड़ करते हो संविधान में कोई चीज एड करते हो कोई चीज निकलते हो तब वो डॉ की ताकत नहीं है वो अमेंडमेंट कौन से नोट अनलॉक नहीं है तो वो ऐसे ही बस ठीक है कर दिया कर दिया अमेंडमेंट फिर इन्हें याद आया अरे अरे मिस्टेक हुए मिस्टेक हो गई फिर ये वापस जाओगे उन्होंने कहा इसको दोबारा सोचते हैं इस पर क्या मतलब है की जब गोलकनाथ कैसे हुआ गोरखनाथ कैसे में सुप्रीम कोर्ट ने बोला ना ना ना ना ना गलती हो गई गलती हो गई वापस आओ वापस आओ तो इन्होंने बोला की हमारा जो एलियर संस्था वो गलत है हम उसको
41:07 चेंज कर रहे हैं और हम बोल रहे हैं की अमेंडमेंट जो भी 368 के तहत अमेंडमेंट होगा 368 के तहत स्पेशल मेजॉरिटी 4 तारीख की मेजॉरिटी होती है अभी पटाया था पिछली क्लास में बताया था यार और आगे आएगा जब 368 आना है तो बिल बी कंसीडर्ड स एन डॉ प्रोवाइड अंदर आर्टिकल 13 माना जाएगा जब आप संविधान में छेड़छाड़ कर रहे हो कौन अमेंडमेंट एक्ट ला रहे हो तो वो पूरा-पूरा डॉ है फिर उसमें ये मत कहना की वो डॉ का पार्ट नहीं है वो लॉक अपार्ट माना जाएगा और आर्टिकल 13 के तहत अगर उसमें फंडामेंटल राइट्स के उतार गया वो नहीं टिकेगा वो चला जाएगा वो वो फिर चला जाएगा गवर्नमेंट अगर रिस्पांस दिया 24 अमेंडमेंट एक्ट लेकर ए गई 25th अमेंडमेंट एक्ट के लिए ए गई ये लेक आई थी इन्होंने इसमें क्या किया था जरा बताना नो केशवानंद
41:54 भारती कैसे 1973 इंपॉर्टेंट कैसे इस दिन हमारा सुप्रीम कोर्ट खड़ा हो गया और सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पीट एकदम सीधी कर ली और एकदम पार्लियामेंट और लेजिसलेच्योर और एग्जीक्यूटिव के सामने आकर खड़े होकर बोले की नहीं जो गलत है वो गलत है और मुझे कैसे याद ए रहा है जो आप फोटो देख रहे हो जस्टिस हंसराज खन्ना ही इसे डी मां बिहाइंड और जुडिशल इंडिपेंडेंस ही इसे डी मां बिहाइंड और डेमोक्रेसी तो इन्होंने पता है इतने बड़े जज थे यह और यह के जस्टिस बने वाले थे इनके ऊपर ये इनका अगला नंबर था लेकिन क्या हुआ क्योंकि ये इन्होंने इस
42:40 फैसला में या एक दूसरे के स्कोर पर कैसे में इन्होंने अलग राय दी थी और इनकी के जस्टिस की कुर्सी चली गई थी और यह एक रात पहले अपनी बहन से बोलते हैं दीदी अपने अपनी सिस्टर से के मुझे पता है मैं क्या करने जा रहा हूं और मैं जो करने जा रहा हूं उसकी वजह से मुझे के जस्टिस की कुर्सी छोड़ने पड़ेगी पर मुझे कोई गम नहीं है मुझे कोई गुर्ज नहीं है क्योंकि मैं जो कर रहा हूं वो सच है वह सच का साथ दे रहा हूं और इसके लिए मुझे जो भुगतना पड़े मैं भूख दूंगा तो जैसे हंसराज खन्ना जी का सम्मान है और इनके नाम बोलने के लिए भी कम से कम हमें तो कान पकड़ना चाहिए एक बार क्योंकि इतने बड़े इतने बड़े व्यक्तित्व ये अकेले जज थे जिनके जिंदा रहते इनके मूर्ति लगवाई गई है
43:26 वहां पर सुप्रीम कोर्ट में बहुत इनकी ऊंची बहुत इनका ऊंचा होता है एवं तो कैसे हमारा है केशवानंद भारती कैसे जिसमें 76 की हमारी बेंजाई है और साथ छह की बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला दे दिया इसी डॉ वर्ल्ड के ऊपर साड़ी बहस हो गई सब आर्टिकल 30% के ऊपर खूब नाटक हुआ उसके बाद क्या आया की देखो संविधान में अमेंडमेंट आप कर सकते हो कैन बी चैलेंज ऑन डी ग्राउंड स्ट्रक्चर ऑफ डी कॉन्स्टिट्यूशन
44:40 पार्लियामेंट ने पूछा बेसिक स्ट्रक्चर क्या होता है इन्होंने कहा वो हम बताएंगे हमें बताएं हमने सब हमने सब लिया है तो पार्लियामेंट में पूछा क्या है के मोटा-मोटा जान लो प्रियंबल है फंडामेंटल राइट्स हैं फंडामेंटल ड्यूटी भी हैं सब चीज हैं बहुत चीज हैं और आप कानून बना हम कानून को देखेंगे की बेसिक स्ट्रक्चर के पार्ट है की नहीं है अगर होगा तो कानून मारा जाएगा नहीं होगा तो कानून चला रहेगा ये बोला गया अब जो ये लो वाला आर्टिकल 3068 के तहत जो डिबेट है वो आज सेटल्ड है के संविधान में अमेंडमेंट जो होगा वो डॉ माना जाएगा और जो भी ऐसा कानून जो फंडामेंटल राइट्स के अगेंस्ट होगा वो टिकेगा नहीं अब चलते हैं राइट तू इक्वलिटी के पास ठीक है 12 13 पढ़ लिए हमने अब 14 से 18 जितना
45:27 है ये सर है हमारा इक्वलिटी की बात करने वाला इक्वलिटी बिफोर डॉ और इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ लॉस ये सारे एक-एक करके हम आगे देखते हैं अभी बार-बार आएंगे नाम लेने से कुछ होगा नहीं सो लेट कम तू सीधा की आर्टिकल 14 क्यों है क्या है तो आर्टिकल 14 क्या कहता है पहले तो ये देखो स्टेट शैली नोट दिन डू अन्य परसों इक्वलिटी बिफोर डी डॉ और इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ लॉस विद इन डी टेरिटरी ऑफ इंडिया अच्छा ठीक है तो दो मतलब आम मुझे दो चीज बड़ी-बड़ी दिखे रही है क्या-क्या है पहले चीज तो ये है इक्वलिटी बिफोर डॉ अच्छा ये क्या बोलेगा ये बोल रहा है की अब्सेंस ऑफ स्पेशल प्रिविलेज इन फीवर ऑफ अन्य परसों के किसी भी परसों के लिए किसी भी परसों के लिए
46:13 याद रखना यानी ये किसके लिए हुआ एक के लिए हुआ ठीक है अब्सेंस ऑफ स्पेशल ऑफ अन्य परसों नो परसों इसे अब ऑफ डी लव के पहले बात तो किसी के किसी के पास जो है वो इतना भयंकर कोई ट्रैवल नहीं है की कानून उसके ऊपर ना लगे ठीक है कानून उसके ऊपर लगेगा और कानून सबके सबके लिए रहेगा और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है ये कहां से आया है ये आया है ये आया है हमारा ब्रिटेन से ब्रिटेन ब्रिटेन ब्रिटेन में ऐसा चला है की वहां पर कानून जो है सबके लिए बराबर है और सब पे लगेगा अब इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ डी लॉस यह है उस जो दूसरा पोर्शन है ये क्या कहता है की एक क्वालिटी ऑफ ट्रीटमेंट अंदर इक्वल
46:58 सरकमस्टेंसस बोथ और ट्रैवल एज और लायबिलिटी इंपोज्ड बाय डी लास्ट मतलब क्या है की जब ऐसे सरकमस्टेंस इक्वल होंगे सरकम्फ्रेंसेस मैंने कुछ ऐसे कुछ जैसे कहते हैं सिचुएशन तो ऐसी सिचुएशन अगर इक्वल है इक्वलिटी ऑफ ट्रीटमेंट वहां मिलेगा अंदर इक्वल सरकमस्टेंस के ट्रीटमेंट बराबर होगा फिर सबका अगर से तरीके का गुना है से तरीके की कुछ है तो ऐसा नहीं होगा की दोनों को अलग-अलग कोई पनिशमेंट की सजा मिल जाए ठीक है दो लोगों को से तरीके से सजा मिलेगी बोथ इन प्रिविलेज और लायबिलिटी या तो वो मजे ले रहे हो या वो सजा ले रहे हो लायबिलिटी मैंने कुछ हजम नहीं मिलेगी जो भी होगा अब कोई प्रवेश मैन मजा मिल रहा है और लाइक शुड बी ट्रीटेड लाइक विदाउट अन्य डिस्क्रिमिनेशन जैसे लाइक हैं अगर ये ऐसे लोग हैं ये ऐसे
47:45 लोग हैं और ये ऐसे लोग हैं ये ऐसे लोग हैं तो इनको आप एक तरीके से ट्वीट करो और इनको आप एक तरीके से ट्वीट करो बस ये खाने का मतलब है अब ये आया है हमारा उस से और ये वाला आया था हमारा लॉस हमने ब्रिटेन से लिया और हमने दोनों को क्लब कर दिया हमने आर्टिकल 14 में दाल दिया ताकि हमारे यहां लोगों को बराबरी का हक मिले अब ये मिल रहा है एक सिंगल इंडिविजुअल के ऊपर ठीक है यह वाला ब्रिटिश वाला जो है और यह वाला जो है यह मिलेगा लोगों को ग्रुप ऑफ पीपल यह चिंटू मिंटू है यह चींटी हैं सारे तो यह सब लोग हैं ठीक है
48:38 इंडिविजुअल को भी और ग्रुप ऑफ पीपल को भी आपको दिखे रहा है ना यह एक तीसरा प्रश्न है और यहां तीन लोग हैं इसमें सो नो कॉम ये रूल ऑफ डॉ यहां पर इंपॉर्टेंट हो जा रहा है क्योंकि रूल ऑफ डॉ आपको समझा देगा की हम चला गया हम चलाना क्या छह रहे हैं तो कॉन्सेप्ट ऑफ इक्वलिटी बिफोर डॉ जो है यह आता है एक बहुत बड़े ब्रिटिश टूरिस्ट है ये तो उन्होंने कहा था जो रूल ऑफ डॉ होता है जो आप इतनी ऊंची लंबी बात कर रहे हो इसके तीन कंपोनेंट होते हैं इसके तीन एलिमेंट होते हैं इन तीन एलिमेंट में से दो तो होते हैं हमारे इंडियन सिस्टम में देखते हैं जो दिखते हैं वो है ऑप्शन
49:24 ठीक है दिखे गए समझ गए हम की अच्छा होता ही होगा की अब्सेंस हमारे ट्रिक बार-बार मतलब पन जा ही नहीं चलेगी किसी की और सब लोग बराबर हैं इक्वलिटी बिफोर डी लो ठीक है तीसरी क्या चीज है तीसरी चीज है कॉन्स्टिट्यूशन इस डी रिजल्ट इस डी रिजल्ट ऑफ डी राइट ऑफ इंडिविजुअल आगे डिफाइन और एनफोर्स बाय डी कोड ओके ये क्या है तो ये कहना छह रहे हैं हैवी डिजीज आप की जो रूल ऑफ डॉ होता है रूल ऑफ डॉ को तीन एलिमेंट हैं तीन में से दो तो ये हैं अब्सेंट हमारे आर्बिट्रेरी पावर और इक्वलिटी बिफोर डी डॉ जो तीसरा है तीसरी मतलब है की कॉन्स्टिट्यूशन जो होता है जो संविधान जो होता है जो सेट ऑफ रूल्स हैं ये ये रिजल्ट है उन राइट्स ऑफ इंडिविजुअल का जो डिफाइन और एनफोर्स बाय डी कोर्स होते हैं जो कोर्स बता दे जो
50:09 कोट्स एनफोर्स करवा दे जो राइट्स कोर्स डिफाइन करें और एनफोर्स कर लेने अब ये वाला जो तीसरा एस्पेक्ट है ये हमारे यहां नहीं लगता है ये इंडिया में नहीं लगता है क्योंकि इंडिया जो है यहां पर कॉन्स्टिट्यूशन ही सोर्स है सारे इंडिविजुअल राइट्स का कल को संविधान खड़ा होकर हमारे यहां यह बोल दे की देखो एक आर्टिकल और गया एक संविधान और एक राइट आपका फंडामेंटल राइट और चला गया चले जाएगा भैया अगर बेसिक सर बेसिक स्ट्रक्चर का पार्ट नहीं होगा तो चले जाएगा क्योंकि हमारे यहां जो है हमारे यहां कोई इंडिविजुअल सेट ऑफ राइट्स जो हैं वो किसी कोर्ट ने नहीं बताया ब्रिटेन में पुराने इंग्लिश डॉ में ऐसा होता है की वहां पे बिल्कुल कोर्ट जो है कोर्ट से बताती चली कोर्ट ने कहती चली कोर्ट ने की ये भी राइट है वो भी राइट है तो मां लिया और वही सारे वहां पर कॉन्स्टिट्यूशन उसमें सारे उसमें अम्ल गेट हो गया हमारे यहां वो
50:56 चीज है नहीं हमारे यहां बोलते हैं की भैया जो है सब संविधान में ही है उसके आगे पीछे कुछ नहीं है ये हुआ है अब एक्सेप्शन एक्सेप्शन है कुछ इसके इसके कुछ एक्सेप्शन देख लेते हैं क्योंकि अब से जो आप जितने भी आर्टिकल पढ़ोगे जितने भी आप फंडामेंटल राइट्स पढ़ोगे तो उसमें कुछ कुछ ऐसी चीज हैं जो आपको लगेगा की यार हैवी और नहीं भी है अब ये क्या है तो पहले बात तो ये है की हमारे प्रेसिडेंट और गवर्नर गवर्नर जो होते हैं ये कुछ स्पेशल ऐसे राइट्स इम्यूनिटीज एंजॉय करते हैं इम्यूनिटी आप बुक में देख रहे होंगे तो आपके पास बहुत सारे इम्यूनिटी प्रिविलेज यह दोनों चीज
51:42 इंजॉय करते हैं मतलब क्या होगा की जब तक यह लोग हैं अपने गाड़ी पे हैं अपने चेयर पे हैं और अपने ऑफिशल कैपेसिटी में बैठे हैं तो इनके ऊपर कोई कैसे नहीं चलेगा कोई सिविल प्रोसीडिंग्स नहीं चल शक्ति कोई क्रिमिनल डॉ कोई क्रिमिनल कैसे नहीं चल सकता इनके कोई इनके पर्सनल इनके ऊपर कोई ऐसा कभी कभी ये इसमें किसी के कोर्ट में ये ट्री नहीं होंगे ये साड़ी बातें दूसरा की अगर मैं कुछ ट्रू रिपोर्ट करूं ट्रू फैक्ट्स फैक्ट्स कहां से फैक्ट्स रिपोर्ट करूं रिपोर्ट करूं कौन से पार्लियामेंट की कोई भी अगर मैं किसी सत्य
52:31 घटना को रिपोर्ट करूंगा अपनी मैगजीन में अपने अखबार में अपने कहानी पे तो मेरे ऊपर कोई क्रिमिनल लायबिलिटी सिविल लायबिलिटी नहीं चलनी चाहिए ये भी एक अधिकार होता है के हमको कुछ ऐसे हमको कुछ ऐसे पॉइंट मिल गए हैं की मैं एक न्यूज़पेपर का एडिटर हूं और मैं देख रहा हूं की पार्लियामेंट में जो है घमासान हो रही है पार्लियामेंट में जो है लोग दूसरे की बात कैट रहे हैं एक दूसरे एक दूसरे से डिबेट नहीं कर रहे हैं अच्छे से कम नहीं कर रहे हैं और मैंने एक आईटी इस मैंने इस चीज को लिख दिया अखबार में तो ऐसा नहीं है की मैंने कंटेंप्ट कर दिया है की मुझे सजा हो जाएगी इस बात पे नहीं हो शक्ति है क्योंकि मैंने सही बात लिखी हुई है और ये आर्टिकल 14 के तहत मुझे प्रोटेक्शन भी है और मैं इक्वलिटी ऑफ राइट इसमें इक्वलिटी ऑफ डॉ में मैं एक्सेप्टेड हूं की मैं अगर कोई सत्य घटना को अगर मैं अगर मैं अगर भाई प्रसारित करता हूं तो
53:19 मुझे कोई कभी कोई किसी में से कोई कोड में ऐसे कोई मेरा ट्री नहीं करेगा नेक्स्ट नेक्स्ट नो एमपी मा यह लोग तो इन लोगों के लिए क्या है की इन लोगों के ऊपर कोई नहीं चल शक्ति है क्योंकि यह कुछ इम्यूनिटी और ट्रैवल एजेंसी करते हैं इम्यूनिटी इम्यूनिटी और ट्रेवल्स इम्यूनिटी और प्रिविलेज यह भी इंजॉय करते हैं जैसे राष्ट्रपति और गवर्नर साहब करते हैं ऐसे ही यह लोग भी करते हैं क्योंकि जो एनपीएस होंगे मा होंगे अगर आप इन्हें अरेस्ट कर लोग किसी भी मतलब तो यह अपना कम नहीं कर सकते हैं और इन्हें डर के कम करना पड़ेगा की अगर हमने वहां जाके सदर में जाकर हमने यस वाले
54:06 बटन पर हाथ भी दबाया या हमने इस बिल पे हमने सपोर्ट नहीं दिया या सपोर्ट ले लिया तो हमारे से हो जाएंगे हम जय चले जाएंगे तो इन्हें मिलती है इम्यूनिटी तो यह भी प्रोसीडिंग्स से बिल्कुल इम्यून होते हैं और ट्रैवल करते हैं हाउस की तो वो इनको प्रॉब्लम है फिर चौथ चौथ हमारा भाई 31 ए बी और सी ये वाले जो हमारे अधिकार हैं ये ये वाली तुम्हारे आर्टिकल से हैं तो इसमें 31 सी जो है 31 सी खाली ये वाला जो है तो ये बताता है की जो हमारे 31 सी जो है यह बता देता है की देखो फंडामेंटल राइट्स को वायलेट करते हुए अगर
54:51 कोई ऐसे एक्ट होंगे तो भैया उनके ऊपर कभी कोई चैलेंज मत करना वो सेविंग सेविंग ऑफ लॉस होंगे सब कुछ होंगे तो ये ऐसे कुछ एक्सेप्सनस हैं जो आर्टिकल 14 के तहत ए जाते हैं और आर्टिकल 14 के तहत इन इन एक्सेप्शन को झेलना पड़ता है देखना पड़ता है ये लोगों को कोई कभी टच नहीं करता नेक्स्ट कम आर्टिकल 15 टच करने से याद ए गया तो आर्टिकल 15 क्या कहता है की स्टेट कभी भी डिस्क्रिमिनेशन नहीं करेगा अगेंस्ट अन्य सिटिजन ऑन ग्राउंड्स ओनली ऑफ रिलिजन रेस कर सेक्स और प्लीज ओपन नहीं करेगा डिस्क्रिमिनेशन मैन होता है एडवर्स एडवर्स एडवर्स डिस्टिंक्शन नो
55:42 की स्टेट कभी भी गलत तरीके से भेदभाव नहीं करेगा लोगों नागरिकों में अब उनके इन वजहों से क्या-क्या वजह उनका धर्म क्या है वो कौन सी नल के हैं कौन सी जाट के हैं कौन से लिंग के हैं और कहां पैदा हुए थे अब इसके अलावा अगर कोई और ग्राउंड पे वो डिस्क्रिमिनेशन कर रहा है वो अलाउड है जैसे यहां जो शब्द लिखा हुआ है ओनली इस ओनली की वजह से तो काफी लड़ाइयां हो चुकी हैं कई लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे तो देखो स्टेटमेंट में भेदभाव कर दिया हमारे साथ तो सुप्रीम कोर्ट ने बताया देखो ऐसा है यहां पे इन्होंने जो शब्द लिखा हुआ है संविधान में वो ओनली लिखा है यानी इन शर्तों पे अगर आपका डिस्ट्रीब्यूशन हुआ तो तो हम सुनेंगे आपकी बात अगर किसी और बात के ऊपर डिस्क्रिमिनेशन हुआ की मां लो मैं एक इंजीनियर हूं और मैं फोन क्यों नहीं भर सकता मैं क्यों नहीं
56:28 मैं क्यों नहीं एचडी का फॉर्म भर सकता मुझे मुझे मास्टर मेडिसिन करनी है तो मैं नहीं कर सकता तो ऐसा नहीं की साइड में से भेदभाव कर रहा है स्टेट ने कुछ ऐसी क्वालिफिकेशन रख दी है सेट कर दी है जो मैं पुरी नहीं कर का रहा हूं क्योंकि मैं मेरे पास बायो नहीं है मेरे पास ऐसा कुछ ऐसा कोई क्वालिफिकेशन नहीं है मेरे पास 12थ में मेरे पास बायोलॉजी नहीं थी तो मैं कैसे लिख दूंगा भाई बायो का एग्जाम ये सब तो ये कोई डिस्क्रिप्शन नहीं है और मेरे साथ कोई एडवर्स डिस्ट्रीब्यूशन नहीं हुआ है नो नो सिटिजन सेल ऑन ग्राउंड ओनली ऑफ रिलिजन रेस कर सेक्स प्लेस ऑफ बर्थ और अन्य ऑफ डेम ये भी सब्जेक्ट तू अन्य डिसेबिलिटी लायबिलिटी रिस्ट्रिक्शन और कंडीशन विद रिगार्ड तू व्हाट यानी किसी भी नागरिक के साथ इन ग्राउंड होना चाहिए और अगर ऐसा भेदभाव होता है और उसके ऊपर कोई डिसेबिलिटी ए जाति है वो
57:14 किसी तरह अपंग हो जाता है की कोई कम नहीं कर का रहा है अपना रोज मा रहा था अपना कोई रोज कहानी है जीवन यापन नहीं कर का रहा है तो वो ये कम कभी ना करें और ऐसी जगह पे उसके साथ कभी विद्वान ना हो कैसी एक्सेस तू शॉप्स वो दुकान ए सकता है पब्लिक रेस्टोरेंट जा सकता है होटल जा सकता है प्लेस ऑफ पब्लिक एंटरटेनमेंट जा सकता है या फिर उसे ऑफ केन टैंक्स बाथिंग हार्ड रोड्स और प्लेस ऑफ पब्लिक रिजॉर्ट मेंटेंड होली और पाटली आउट ऑफ स्टेट फंड्स और डेडीकेटेड तू डी उसे ऑफ जनरल पब्लिक मतलब पहले बता रहा है की एक पर्सनल प्राइवेट चीजों के बड़े में शॉप्स पब्लिक रेस्टोरेंट होटल प्लेस ऑफ पब्लिक एंटरटेनमेंट कुछ भी है कोई मूवी हाल इस सिनेमा कोई मॉल कुछ भी तो यहां पे कोई इन वजहों से कोई मुझे रोकेगा नहीं
57:59 अंदर जान से और यहां पे ये है सरकारी ज्यादातर सरकारी चीज हैं ये केन हुआ टैंक्स हुए बाथिंग घाट हुए सड़के हुए प्लेस ऑफ पब्लिक रिजॉर्ट हुए जो होली है पार्टी मेंटेन करता है स्टेट कोई पब्लिक कोई ऐसा कोई रिजॉर्ट है कुछ भी है जिम कॉर्बेट जैसे भाई जिम कॉर्बेट है तो वहां पर कई सारे रिजॉर्ट्स हैं जो सरकारी हैं अब उनमें आपके ऊपर कभी इन वजहों से भेदभाव नहीं हो सकता है हो वो कहते हैं की नहीं नहीं ऑफिसर की जगह है आप ऑफिसर नहीं हो तो आप बाहर जो तो ऑफिसर की वजह से आप ये नहीं है की आप किसी रेस आपका कोई स्पेशल धर्म है इसलिए आपको हटा दिया ये आपके कोई कास्ट अलग है तो इसलिए हटा दिया नहीं वो ऑफिसर के लिए स्पेशल है इसलिए उसको अलग कर रहे हैं तो इन वजहों से तो आपके ऊपर डिस्क्रिप्शन नहीं होगा ये वाली जो बजा है खाली जितने भी पब्लिक प्लेस की जगह हैं जो पाटली और होली मेंटेन बाय स्टेट है अगर
58:47 स्टेट उनकी चिंता करता है स्टेट उनकी दे रखरखाव करता है कोई पब्लिक ऑफिस है तो वहां पे आपको कोई भी कोई कभी कोई माना नहीं करेगा आने जान से आपको याद है मूवी ऑफ कोर्स याद होगी बहुत अच्छी मूवी थी बहुत ही इंपैक्ट फूल मूवी थी और बहुत इतने अच्छा मैसेज दिया था आर्टिकल 15 के ऊपर नो कर एक्सेप्शन देखो इसके क्या-क्या है स्टेट जो है वो परमिटेड है तू मेक अन्य स्पेशल प्रोविजंस पर वूमेन और चिल्ड्रन महिलाओं के लिए बच्चों के लिए कोई स्पेशल प्रोविजन ला सकता है स्टेट और यह कोई ऐसा नहीं है की यह कोई खराब बात है की बाकियों से भेदभाव करके इनके लिए लेकर ए रहे हैं नहीं जो पंचायत भर गया कमजोर वर्ग है जो जो ज्यादा मतलब विकार क्षेत्र ऑफ सोसाइटी है तो उसको अपलिफ्ट करने के लिए अगर स्टेट कोई कानून लता है कोई स्टेट कोई स्पेशल प्रोविजन ला रहा है तो वो अलाउड है
59:34 एडवांसमेंट ऑफ अन्य एसबीसी सोशली एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस इसको बोलते हैं एस आई बी सी ये कोई आज का वर्ल्ड नहीं हुआ पुराना शब्द है और पर सिस और स्ट इनके अपने फ्रेंड के लिए जो सोशली सामाजिक रूप से या एजुकेशनली शैक्षणिक रूप से जो बैकवर्ड र गए हैं उनके लिए या जो अनुसूचित जाति जनजाति हैं उनके लिए अगर उनको अपलिफ्टमेंट के लिए उनके एडवांसमेंट के लिए कोई कानून ए रहा है स्पेशल प्रोविजन ए रहा है जा सकता है स्टेट पर एडवांसमेंट ऑफ अन्य एसबीसी पर स और और सेंट से रिगार्डिंग देवर एडमिशन इन तू एजुकेशन इंस्टिट्यूट इंक्लूडिंग प्राइवेट एजुकेशन इंस्टिट्यूट स्टेट यहां पे ऐसे प्रोविजन ला सकता है जो की हेल्प करें इन एसबीसी स और स्ट को की
1:00:20 वह एडमिट वह एडमिशन ले सकते हैं ऐसे हायर एजुकेशन ऐसे भाई प्राइवेट एजुकेशन इंस्टिट्यूट में और वेदर देवर पार्टी और होली मेंटेन बाय डी स्टेट और नोट वेदर देवर वेदर देवर ऐडेड और यूनेडिड बाय स्टेट एक्सेप्ट मी ऑर्डर एजुकेशन इंस्टिट्यूट माइनॉरिटी क्या होते हैं अभी आगे देखेंगे हम माइनॉरिटी मैन जिनका जिनका अल्पसंख्यक जो लोग होते हैं जिनकी नंबर कम होता है जिनकी नंबर ऑफ लोक कम होते हैं तो अगर 100 लोग हैं 100 में से अगर मां लो 80 हिंदू हैं तो बच्चे हुए जितने होंगे ये सारे माइनॉरिटी कहलायेंगे की हां अभी तो माइनॉरिटी है छोटे कम लोग हैं ज्यादा नहीं है तो इनको हम बोलेंगे की ये माइनॉरिटी है और इनके माइनॉरिटी लोगों के अपने कुछ
1:01:06 एजुकेशन संस्थान होंगे तो यहां पर बस खाली यहां पे बस खाली ऐसा होगा की ऐसी ई और सिस के लिए कोई ऐसा कुछ एडमिशन के प्रोविजन नहीं बना शक्ति पर बाकी जितने भी एजुकेशन इंस्टिट्यूट होंगे वो वो चाय वाली एडिट हो चाहे यूनेडेड हो स्टेटस से वहां पे सरकार ऐसा ला शक्ति है कोई ना कोई प्रॉब्लम पर एडवांसमेंट ऑफ अन्य इकोनॉमिकली विकार क्षेत्र ईडब्ल्यूएस आपको पता है हाल ही में आया ये अभी ठीक है नो ओबीसी के एक्शन के ऊपर एक बात सुनते हैं इन एजुकेशन इंस्टिट्यूट ये इंपॉर्टेंट है इसलिए तो आर्टिकल 15 सी ये हमने पीछे देखा ये वाला ये है ये बी है ये सी है ये दी है सो जो 15 क्लास सी है वो ये बता रहा
1:01:51 है की हमें ओबीसी को आरक्षण देना है और 93rd अमेंडमेंट एक्ट 2005 के तहत यह फाइनलाइज हुआ था सब कुछ हुआ इसमें क्या हुआ की सेंट्रल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस रिजर्वेशन इन एडमिशन एक्ट 2006 यह एक्ट लाया गया अब इस एक्ट के तहत क्या हुआ 27% रिजर्वेशन पर ओबीसी इन जो सेंट्रल हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट इंक्लूडिंग डी आईआईटी और आईआईएम ठीक है पर इसमें प्रॉब्लम है एक के ये खाली है सिर्फ और नॉन क्रीमी लेयर नॉन क्रीमी लेयर कई बार तो मैंने देखा है की बच्चों को लोगों को एवं मैं भी तो जब तक मैं स्कूल में था तब तक मुझे फर्क नहीं पड़ता था की क्या है कास्ट क्या है किसी
1:02:37 का कास्ट क्या है मेरी कास्ट क्या है बिकॉज़ किसी ने मुझे पूछा नहीं और कहानी मैंने किसी फॉर्म में नहीं भारत जब मैं कॉलेज गया जब मैं पहले बार एग्जाम दिया मैंने आईआईटी जी के एग्जाम दिया तब पता चला मुझे की अच्छा कास्ट भी कोई चीज होती है तब पता चला मुझे अच्छा ए रहा है तो इससे अगर कोई द्वेष भावना पैदा कर रहा है की देखो किसी को रिजर्वेशन मिल रहा है तो वो उसको अच्छा मौका मिल गया है और मैंने इतनी मेहनत कारी और मुझे नहीं मिल रहा है तो इस चीज को अगर आप इस एंगल से देखोगे दें हमारा कास्ट सिस्टम कभी सॉल्व नहीं हो पाएगा और आप जी एग्जाम की तैयारी कर रहे हो जी क्लास में बैठने की आप तैयारी कर रहे हो उसे क्लास के लिए यह मेंटालिटी लेक कभी आगे मत जाना आई प्रॉमिस यू यू बिल यू बिल फूल बटर
1:03:22 ऑलवेज हमेशा कड़वा ही महसूस करते रहोगे तो मेरा कहना यह है की एक बार उसे वंचित वर्ग खयाल सोचना उसे वंचित वर्ग के बड़े में सोचना जिसको सदियों से मेजॉरिटी में रहने के बाद भी जनसंख्या उनकी ज्यादा थी वंचित वर्ग की ऐसी इसकी स्ट की ओबीसी की तो तब भी उन लोगों को मेंस्ट्रीम में कभी उनको रखा नहीं गया कभी उनसे यह नहीं हुआ की हम उनको गले से लगाएं हम उनको अपने साथ बिठा हमेशा इनको लोअर कास्ट को दलित को दूध कर गया है परेशान किया गया है इसलिए हमने उनको उपलब्ध करने के लिए ऐसे कानून ले हैं की भैया इनकी इनको जरूर है की हम इनको सामाजिक रूप से आर्थिक रूप से और शैक्षणिक रूप से इनको आगे बढ़ाएं [संगीत] सॉरी तो इसलिए आरक्षण जरूर होती है अब 27
1:04:10 रिजर्वेशन 27% रिजर्वेशन पर ओबीसी है क्यों है क्योंकि एक कमीशन ने रिपोर्ट में बताया की भाई ओबीसी की संख्या देश में 52% है तो आप कैसे नहीं इनको और आरक्षण डॉग क्योंकि सरकार बनकर रिप्रेजेंटेशन है ही नहीं ये प्रॉब्लम है यूज इन एजुकेशन इंस्टिट्यूट क्या होते हैं जो आर्थिक रूप से ईडब्ल्यूएस इकोनॉमिकली विकार क्षेत्र है जो आर्थिक रूप से जो बिल्कुल एकदम उनका विकास नहीं हो पाया है बहुत गरीब है स्वर्ण है लेकिन तो इनको बोला गया की 15 दी के पहले हम एक्सेप्शन लेक ए रहे हैं 103 वन अमेंडमेंट लेक आएंगे 10थ थर्ड अमेंडमेंट एक्ट ऑफ 29 और यू बिल हैव 10% रिजर्वेशन तू यूज इन एडमिशन तू एजुकेशन ये
1:04:57 इंट्रोड्यूस y2 2019 में ईडब्ल्यूएस कोटा अभी क्या है सिचुएशन अभी सिचुएशन ऐसी है भाई हमारी सिचुएशन इस समय हमारे करंट फॉर्म में कितना कितना रिजर्वेशन है आर्टिकल 16 ओके तगड़ा आर्टिकल है ये इंपॉर्टेंट है इक्वलिटी अपॉर्चुनिटी पर जो सिटीजंस इन मटर ऑफ एंप्लॉयमेंट और अपॉइंटमेंट तू अन्य ऑफिस अंदर स्टेट के अंदर नो सिटिजन कैन बी डिस्क्रिमिनेटेड अगेंस्ट और बी इन एलिजिबल पर अन्य एंप्लॉयमेंट और ऑफिस अंदर डी स्टेट ऑन ग्राउंड्स ऑफ ओनली सरकारी नौकरी में एंप्लॉयमेंट कल मिला के सरकारी नौकरी में अगर आपको आना है तो आप ए जो ठीक है हम आपसे नहीं करेंगे खासकर इन बटन के ऊपर
1:05:42 भेदभाव कभी नहीं होगा आपसे रिलिजन रेस कर सेक्स प्लेस ऑफ बर्थ और रेजिडेंस और डिसेंट मतलब मैं किन का बेटा हूं मैं किसका पोता हूं किसका नाती हूं तो जो भी हूं मैं मेरे माता-पिता दादा दादी परदादा परदादी नाना नानी जो भी हैं यह लोग कौन है यह मेरी डिसेंट से फर्क नहीं पादना चाहिए की मैं कहां से हूं अगर मैं भारतीय नागरिक हूं तो भैया और तुम इन ग्राउंड पे मेरा धर्म क्या है मेरी जाट क्या है मेरी नल क्या है मेरा लिंग क्या है मैं कहां पैदा हुआ था कहां र रहा हूं इस बार इस बाबत मेरे ऊपर कभी कोई ऐसा भेदभाव ना हो की मैं सरकारी नौकरी ना ले पौन ये है इसके अलावा और हो सकता है कोई क्वालिफिकेशन लगा दे की इतने ग्रेजुएट होने चाहिए इतना ये होना चाहिए इतना ये होना चाहिए तो इसका मतलब
1:06:28 क्या है एक एंप्लॉयमेंट अपॉर्चुनिटी ये ये जो प्रिंसिपल है ये अप्लाई होता है जो आप अपने के लिए वर्किंग एनवायरनमेंट देखने के लिए की एनवायरनमेंट कैसा है भैया कम करने की जगह क्या है रिलेशनशिप डायनामिक एडवर्ब की वहां पे लोगों से कलीग से सीनरी जूनियर से क्या रिश्ते बन रहे हैं प्रोसेस ऑफ एसेसिंग परफॉर्मेंस क्या है वहां पे की कैसे मैं कम कर रहा हूं कैसे उसको नापा जा रहा है कैसे उसका देखा जा रहा है की मेरा इंडेक्स क्या है मेरी रैंकिंग क्या है मैं कैसे परफॉर्म कहां कर रहा हूं ऊपर नीचे अच्छा कर रहा हूं पूरा कर रहा हूं पोटेंशियल पर करियर एडवांसमेंट और ट्रेनिंग कैसी है यहां पे की मैं यहां से मेरा करियर और ऊपर कैसा जाएगा ये तो ये सारे प्रिंसिपल होते हैं इक्वल एंप्लॉयमेंट ऑपच्यरुनिटीज के हैं अब ये हमारे सरकार की जिम्मेदारी है की वो ये सब पुरी करें अच्छा करेंगे पर क्या क्या नहीं
1:07:16 कर सकते तो ऐसे नहीं कर सकते एक्सेप्शन फिर ए गया एक्सेप्शन अब ऐसे ही आर्टिकल होंगे ऐसे फंडामेंटल राइट आएंगे की चीज तो हैं ए बी सी दी एक्सेप्शन है उसमें एक्स ए स तो एक्सेप्शन देखो अब एक्सेप्शन पहले एक्सेप्शन है फैंस ऑफ सॉइल डॉक्ट्रिन ये क्या है मतलब जी माटी के बच्चे हैं जी मिट्टी के बच्चे हैं तो कुछ ऐसे लोग हैं जो यह मां के चलते हैं की हम यहां रहते हैं तो यही के लोग ही खाली यहां पर नौकरी करें सरकारी नौकरी करें कोई बाहर से आगे यहां सरकारी नौकरी ना करें अच्छा ये कैसे एक्सेप्शन है और आपको याद होगा की आंध्र प्रदेश हिमाचल आपको मैंने याद है लास्ट क्लास में लास्ट लास्ट मैंने आपको बताया था एचपी ईटीसी तो क्या होता है की ऐसे कुछ जगह के
1:08:04 लिए कुछ स्पेशल कुछ समय के लिए कुछ ऐसे एक्ट आए थे की यहां पर लोकल लोगों को रख लो तो हेल्प मिल जाएगी आपको वहां पर प्रशासनिक करवाई में आराम मिल जाएगा वो थोड़े 1974 चला रहा 9074 तक वो वो एक्ट चला था तो वह क्लास में पटाया था भैया पता होगा लिख के बताना जरा मुझे पता है की नहीं ठीक है रिजर्वेशन ऑफ अप्वाइंटमेंट्स और पोस्ट इन फीवर ऑफ अन्य बैकवर्ड क्लास अगर कोई पिछड़ी जाति है तो हम उनको आरक्षण दे सकते हैं क्योंकि उनका रिप्रेजेंटेशन सरकार में कम है वो सरकार में दिखती नहीं है वो कोई बैकवर्ड क्लास जो भी है तो उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं है उसका कोई उसके कोई लोग बच्चे कैंडिडेट सिलेक्ट हो गया ही नहीं का रहे हैं तो क्या वजह है तो एक कम करते हैं उनको थोड़ा आरक्षण देते हैं ऑफिस ऑफ रिलिजियस और नॉमिनेशन और डिनॉमिनेशन
1:08:51 इंस्टीट्यूशंस जैसे दिल्ली वक्त बोर्ड जैसे कोई क्रिश्चियन मिशनरी जैसे कोई आर्ट विषय आयोसिस तो यहां पर यह रिलिजियस इंस्टीट्यूशन है रिलिजियस एक डिनॉमिनेशन है तो इस संस्थान का जो मुखिया होगा या जो भी होगा शुड बिलॉन्ग तू डी पर्टिकुलर रिलिजन और डिनॉमिनेशन जो भी हो बात सही है अब मैं एक हिंदू हूं तो मैं क्या करूंगा वर्क बोर्ड में जाके मेरा वहां पे कोई रोल ही नहीं है मुझे उनका मुझे उनका बुक नहीं पता है मुझे उनका कोई ऋतियां नहीं पता है तो मेरा कोई पॉइंट नहीं बंता वहां जान का नो रिजर्वेशन पर अप तू 10% ऑफ तू 10% इन अपॉइंटमेंट इन फीवर ऑफ ए ब्लू एस ए सकता है बिल्कुल स्टेट जो है डिस्क्रिमिनेशन नहीं कर रहा है खाली उन ग्राउंड्स पे जो हमने पीछे देखें रिलिजन रेस कर टैक्स प्लेस ऑफ बर्थ और डिसेंट पर इस पर कर सकता
1:09:39 है क्योंकि यहां आपका रिप्रेजेंटेशन दिखे नहीं रहा है सरकार में और आपके अपने फ्रेंड के लिए ही आपको ऑप्शन दिया जा रहा है ये हो सकता है अब इसके लिए सरकार कई सारे कम उठाई है उठाती आई है जैसे एनसीसी नेशनल कमीशन पर बैकवर्ड क्लासेस तो ये कमीशन है आयोग है पिछड़ा वर्ग आयोग राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अब इसकी पहले तो पहले बार बना था ये 1953 में काका लेकर पापा भी काका कालेलकर ने पहले बार इसकी भी चेयरमैनशिप संभाली थी फिर आया 79 में सेकंड अमेंडमेंट अब ये आया था अंदर चेयरमैनशिप ऑफ बीपी मंडल जी मंडल जी एमपी थे तो इनके अंदर 1 सेकंड कमीशन आया इस कमीशन को 1971 में बोला गया की एक जगह रिपोर्ट दो जरा क्या चल रहा है देश में कितने लोग हैं कितने लोग कौन सी कास्ट के
1:10:27 हैं कितने कितनी पापुलेशन है क्या है और सरकार में कितना रिप्रेजेंटेशन है इनका जरा समझे क्या चल रहा है तो ये पता किया गया तू इन्वेस्टिगेट डी कंडीशन ऑफ डी सोशली और एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस और सजेस्ट मेजर के बताओ क्या करें अच्छी बात कोई हो तो आपके पास तो इन्होंने रिपोर्ट भी थी सब कुछ किया अब ये कहां से आई है आर्टिकल 340 के तहत ही आई है आर्टिकल 340 के तहत ही ये पावर मिली है की आप एक आयोग का गठन करो की आप एक कमीशन पर बैकवर्ड क्लासेस का गठन करो और उनसे पूछो की साहब क्या कर सकते हैं इन्होंने रिपोर्ट दी अपनी 1980 में 98 में इन्होंने बोला की कमीशन रिकमेंड ने कर दिया रिजर्वेशन ऑफ 27% गवर्नमेंट जॉब्स पर डी ओबीसीएस क्योंकि इस समय 52% है हमारे पास ओबीसी पापुलेशन
1:11:12 52% ओबीसी कॉरपोरेशन ठीक है रिमेंबर दिस ये पापुलेशन है पापुलेशन कहानी इसको कहानी इसको समझ लोग ये आरक्षण है तो ये पापुलेशन है देश में 52% ओबीसी की और उन्होंने बोला की इनको दे दो आरक्षण 27% ये बोला गया अच्छा वीपी सिंह जी ने वीपी सिंह जी ने जब सरकार चलाई थी अपनी उन्होंने डिक्लेअर किया रिजर्वेशन ऑफ 27% गवर्नमेंट जॉब्स पर डी ओबीसी अच्छा ठीक है हो गया इसके बाद देश में बहुत कुछ बावल हुआ बहुत सारे बावल होते हैं 1991 में नरसिंह राव जी की सरकार ने पहले बार इंट्रोड्यूस किया दो नए चेंज और इन्होंने क्या बोला पहले बात तो ये प्रेफरेंस तू डी पुर और क्षेत्र कोटा की 27% कोटा हम जो दे रहे हो किसी को इसमें से जो पहले गरीब ज्यादा है हम पहले
1:11:58 उनको उठाएंगे के पहले उनको प्रॉफिट ऊपर रखेंगे की पहले सरकार में आप आओ सगाई नौकरी पाव अच्छे से आओ ठीक है सेकंड नौकरी
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