Simon Commission | Olevel Pakistan Studies | 2059/01 | Muhammad Yousuf Memon

Brief Summary

This video discusses the Simon Commission, explaining why it was formed, its composition, the report it produced, and the reactions it provoked in India. The key reasons for its formation include the anticipation of a Labour Party victory in the UK elections, the ongoing Hindu-Muslim tensions, and the British policy of introducing reforms every ten years. The commission's report and the subsequent opposition from both the Congress and Muslim League are also examined.

  • The Simon Commission was formed due to anticipated Labour Party victory in the UK, Hindu-Muslim tensions, and the British policy of introducing reforms every ten years.
  • The Simon Commission was an all-white commission with no Indian members.
  • The Simon Report recommended abolishing dyarchy and introducing provincial autonomy, which had mixed results for Muslims.
  • The Congress opposed the Simon Commission because they wanted joint electorates instead of separate electorates.
  • The Muslim League opposed the Simon Commission because their demands for reserved seats and provincial status for certain regions were not met.

Introduction

The video introduces the topic of the Simon Commission and sets the stage by discussing the political climate in the UK at the time. It highlights the upcoming elections and the potential victory of the Labour Party, which was perceived as more sympathetic to Indian demands for greater autonomy. This context is crucial for understanding the motivations behind the British government's decision to send the Simon Commission to India.

Reasons for the Simon Commission

The video outlines three primary reasons for the formation of the Simon Commission. Firstly, the British government feared that a Labour Party victory in the upcoming UK elections would lead to greater concessions for Indians, which they wanted to avoid. Secondly, ongoing tensions between Hindus and Muslims necessitated reforms to resolve these issues. Thirdly, the British had a policy of introducing reforms every ten years, and the Simon Commission was part of this continuing process. The commission was sent two years early to allow time to address any opposition and finalise the reforms by 1929.

Understanding the Simon Commission

In 1927, the British Government established a committee of seven members under the leadership of Sir John Simon. Notably, this commission included no Indian members. The commission visited India in 1928 and 1929 to assess the situation and gather information for their report. By 1930, they submitted the Simon Report, which included several key recommendations.

Key Recommendations of the Simon Report

The Simon Report made several important recommendations. It suggested abolishing dyarchy, which was a system of dual governance where certain powers were transferred to Indian ministers while others remained with British officials. The report also advocated for provincial autonomy, granting provinces more control over their own affairs without interference from the central government. For Muslims, this meant the continuation of separate electorates, which was beneficial. However, the report did not grant one-third of the seats to Muslims, nor did it provide provincial status to certain regions, which were against Muslim interests.

Opposition to the Simon Commission

The video explains why both the Congress and the Muslim League opposed the Simon Commission. The Congress opposed it because they wanted joint electorates and were not in favour of provincial autonomy. The Muslim League opposed it because their demands for reserved seats, separation of certain regions, and provincial status for specific areas were not met. The lack of Indian members in the commission also fuelled widespread protests, with slogans like "Go Simon Go Back" echoing across the country, and the launch of non-cooperation movements.

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Transcript

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0:00 प्रीमियम [संगीत] [संगीत] क्या कहानी कहानी

1:03 यूके की जो ब्रिटिश गवर्नमेंट थी उसके अंदर हमारे पास दो पार्टी एक थी हमारे पास जो कंजरवेटिव गवर्नमेंट जो चल रही थी वो थी और एक हमारे पास थी लेबर पार्टी अब यूके में इलेक्शंस होने वाले द जब इलेक्शंस होने वाले द तो यह चांसेस है की लेबर पार्टी जीतेगी जैसे अभी अगर मैं बोलूं की पाकिस्तान में इलेक्शंस होने वाले तो कौन जीतेगा तो सबका जवाब भी आएगा पीटीआई जीतेगी दो डाउट पहले वो सिलेक्शन से आए लेकिन आज जितना पीटीआई के साथ गलत हुआ और जो भी है और पीटीआई के साथ जिस तरीके से हालांकि उनकी कोई परफॉर्मेंस वाइस अगर हम देखें तो बिल्कुल ही बकवास है लेकिन उनके साथ कुछ चीज है गलत भी है अल्लाह ताला उनका सपोर्ट कर दिया उनका सपोर्ट आप बहुत तो अब अगर मेरी बात करें तो कौन जितने वाले पीटीआई इसी तरीके से यूके में होने वाले द इलेक्शंस इलेक्शंस में जितने के चांसेस किसके द लेबर पार्टी

1:49 लेबर पार्टी अब दो परियों थी एक चीज लेबर पार्टी इतनी कंजरवेटिव गवर्नमेंट लेबर पार्टी का यह डरता है की वो लेबर पार्टी कंसेशन किसको ज्यादा दे देंगे ज्यादा फ्री किसको करवा देगी इंडियन को ज्यादा फ्री करवा दे इंडियन तो हमें यह दर था तो इसलिए उन्होंने इलेक्शन से पहले साइमन कमीशन भेज दिया ताकि रिफॉर्म उनसे पहले बन जाए क्योंकि अगर लेबर पार्टी जीत जाती इलेक्शन तो लेबर पार्टी अपने हिसाब से क्या दे देती बहुत ज्यादा पावर्स इंडिया को दे देती है और ऐसा ब्रिटिश गवर्नमेंट नहीं चाहिए| तो इसकी वजह से उन्होंने क्या कर के दो इयर्स बिफोर अगर हम पॉलिसी के तहत देखें तो 1909 1929 लेकिन अब जो ये रिफॉर्म्स है ये साइमन कमीशन कब आया था ये 1927 में आया था तो हमारे पास 2 साल पहले

2:36 ये इसलिए भेज दी है क्योंकि यूके में इलेक्शंस होने वाले द लेबर पार्टी जितने वाली थी हमें ये डरता के लेबर पार्टी अगर जीत गई तो वो इंडियन को बहुत फ्री करवा दी तो इसलिए गवर्नमेंट ने उनसे पहले रिफॉर्म्स भेज दिए दो साल पहले दूसरा रीजन है बिकॉज ऑफ खिलाफत मूवमेंट खिलाफ जब मोपला उप्राइजिंग हुई थी तो उसकी वजह से हिंदू एंड मुस्लिम यूनिटी खराब हो गई थी हिंदू एंड मुस्लिम जब साथ नहीं है लखनऊ ट्रांसपोर्ट रिफॉर्म्स के साथ द खिलाफत मूवमेंट में भी शुरू में से आते हैं बाद में अलग हो गई जब वो अलग हो गए तो आपस में लड़ना शुरू है तो इन्होंने जान पूछकर रिफॉर्म्स नहीं भेजे ताकि क्या हो जाए की

3:22 मुझे प्रॉब्लम चल रही है हिंदुस्तान मुस्लिम के बीच में वो रिजॉल्व होते हैं वो क्या हो जाए हेलो टेंशन बिटवीन हिंदू है तीसरी बात कंटिन्यूटी ऑफ ग्रेटेस्ट पॉलिसी तू इंट्रोड्यूस रिफॉर्म्स इन एवरीटाइम न्यूज़ हर 10 साल की पॉलिसी थी रिफॉर्म्स बनाना हर 10 साल के अंदर lifaws बनाने द तो वही पॉलिसी कर रहे द डैटसन ताकि अब अपनी पॉलिसी को उतर पाए और अगर 1927 में भी ना बन सके क्योंकि अगर आप देखें पुराने जितने भी हमारे पास रिफॉर्म्स है वो डरता है साल भी हो गया तो इन्होंने सोचा उपवास भी हो जाए 1927 में भेज देते अपोज अगर हो भी जाए तो 2 साल की एफर्ट्स करके हम 1929 तक तो पक्के रिफॉर्म्स बना दे तो 3 रीजंस क्या है आपके पास की हमारे पास पहला रीजन ये है की यूके के अंदर इलेक्शंस में इलेक्शंस होने वाले द लेबर पार्टी जी

4:09 जितने वाली थी लेबर पार्टी अलग थी जीत जाती तो कंसेशन क्या हो जाती ज्यादा जब कंसेशन ज्यादा इंडियन को दे दी जाती तो हम नई ब्रिटिश गवर्नमेंट ऐसा नहीं चाहती इसलिए दो साल पहले भेज दिया हिंदू एंड मुस्लिम के बर्थडे चल रहे द उसको सॉल्व कर था कंटिन्यूटी ऑफ ब्रिटिश पॉलिसी तू इंट्रोड्यूस रिफॉर्म्स एंड एवरी 10 इयर्स तो ये हमारे पास तीन रीजंस हैं जो की आपको पता होने चाहिए अब हम देख लेते हैं की सर इसका सवाल क्या ए सकता है आज तक आया नहीं है लेकिन अगर ए गया फिर आप लोग क्या करेंगे कुछ नहीं कर सकते तो बेहतर ये के अभी हम इसको देख ले सवाल हमारे पास है बाय साइमन कमीशन बहुत से 7 कमीशन क्यों आया तो सबसे पहले रीजन ये है की इट वास्ता एक्सपेक्टेड वेदर वहां पे कंजरवेटिव गवर्नमेंट नहीं लिखा होगा ये मैंने आपको बताया था लेबर पार्टी और कंजरवेटिव यही बार पार्टी जीत जाएगी ये पहला रीजन इट सेंट तू सॉल्व डी प्रॉब्लम

4:56 ऑफ डी प्रीवियस रिफॉर्म्स एंड बिकॉज ऑफ क्लास ऑफ मूवमेंट देवन नॉट यूनाइटेड एंड देयर फाइटिंग उसके बाद आप क्या बताओगे मोंटे कुछ अनस्वर रिफॉर्मर्स तू अनाउंस मोर रिफॉर्म्स इन 10 इयर्स सो इट वाज अन कंटिन्यू ऑफ डी ब्रिटिश पॉलिसी तू इंट्रोड्यूस न्यू रिफॉर्म्स विद इन 10 इयर्स की कंटिन्यू दी ये तीन रीजंस आपके पास है और आपको यहां दिख रहा होगा क्वेश्चन बाय ये सवाल अभी तक आज तक पेपर में नहीं आया क्या बात है आपके पेपर में आज तो एक्चुअली हमारे पास इन सवालात को इतनी इंपॉर्टेंस नहीं देते लेकिन हम इतनी नॉलेज तो हमारे पास हो रहा की अगर हमारे पास पेपर में है तो आपको जो लैबोरेट कर लें पेपर में जा के हम ये सोच रहे हो अल्लाहू अकबर हमने हम टीचर्स को बुरा कहना शुरू कर दें हमारे स्कूल के टीचर ने पढ़ा है हमारे डिज़ाइन नहीं पढ़ा है बाद में आप टीचर्स को पूरा बनाएगा उससे बेहतर है की आप इतनी एफर्ट्स करके जाओ ये आपको रिग्रेट लाओ यार मैंने मेहनत कारी और जब आप मेहनत करोगे इंशाल्लाह जरूर मिलेगा

5:43 अब हम बात कर लेते हैं की सर अच्छा यहां तक की कहानी समझ ए गई तो बताएं और अगर समझ नहीं आई तो आप लोग एन लेकर भेज सकते हैं की सर मुझे समझ नहीं आया फिर हम साइमन कमीशन पे मूव ऑन करें जल्दी-जल्दी एक मिनट आप लोगों के पास से आप लोग पूछ सकते हैं और अगर नहीं पूछना तो अच्छा सवाल हमारे पास ये है की साइमन कमीशन क्यों ए तो साइमन कमीशन इसलिए आया की यूके के अंदर होने वाले द इलेक्शंस यूके के अंदर इलेक्शंस में दो पार्टी थी एक थी कंजरवेटिव गवर्नमेंट एक थी लेबर पार्टी इस दफा लेबर पार्टी जो थी ना वो इंडियन को बहुत सपोर्ट कर दी तो लेबर पार्टी जितने वाली अब कंजरवेटिव गवर्नमेंट ये नहीं चाहती थी की बाद में रिफॉर्म्स है और लेबर पार्टी सारी पावर्स इसको जाकर दे दे इंडियन को जा कर दे क्योंकि अगर वो

6:29 इंडियन कहां से कैसे कमाता तो इसलिए उन्होंने 2 साल पहले लेबर पार्टी के इलेक्शन जितने से पहले उन्होंने क्या भेज दिया साइमन कमीशन भेज दिया ताकि वो रिफॉर्म्स बना दे और लेबर पार्टी को उसमें कोई ना हो इंवॉल्वमेंट यह दूसरा रीजन हिंदू धर्म मुस्लिम आपस में लड़ रहे हैं पिछले रिफॉर्म्स भी लड़ते द और अगर आप देखो तो खिलाफत मूवमेंट की वजह से मोपला प्राइस की वजह से देवत यूनाइटेड वापस मैं लड़ रहे द जब आपस में लड़ रहे द तो अब उनके मसाले को हाल निकलने के लिए दोनों सेटिस्फाइड हो जाए दोनों लड़े नहीं और इंट्रोड्यूस रिफॉर्म्स इन एवरी टेल्स अगर मैं ये कहूं की मैं हर साल एक डिस्टिंक्शन क्या करूंगा ला कर दूंगा तो मैं ऐसा भी हो सकता है ना की बच्चा octavender में भी ले

7:15 आए में जॉन तो कभी भी डिस्टिंक्शन ला सकता है तो हमारे पास ये है थोड़ा सा कंटिन्यू और ब्रिटिश पॉलिसी की हर 10 साल पहले फॉर्म्स आएंगे तो इन्होंने पहले ये रिफॉर्म्स भेज दिए क्योंकि इनको पता था की रिफॉर्म्स पे अपोजिशन मिलेगी फॉर्म्स को अपोज किया जाएगा तो इन्होंने सोचा की हम रिफॉर्म 2 साल पहले भेज देते हैं ताकि अगर इसको पोजीशन मेले भी तो हम फॉरेन रिफॉर्म्स बना लें विद इन टैली तो ये हमारे पास तीन रीजंस है तो जिनका ये सवाल था की मुझे समझ नहीं आया और मुझे वापसी बता सकते हैं की समझ आया या नहीं आया और अगर समझ नहीं आया लिखकर भेज दे अगर नहीं आया तो एल लिखकर भेजें मैं आपको वापस नहीं समझा सिर्फ वह भेजेंगे जिनका सवाल अगर समझ ए गया

8:09 अभी मैं आपको दो चीज समझा रहा हूं अगर पेपर में आएगा पहले ये पूरा समझ ले फिर मैं आपको एक फर्क samjhaunga क्योंकि ये फर्क बच्चों को पता ही नहीं होता और बच्चे लंदन मारके ए सबसे पहले आप ये समझना की साइमन कमीशन 1927 में ब्रिटिश गवर्नमेंट ने कमेटी बनाई 7 लोगों की कितने लोगों की सात लोगों की अंडर डी लीडरशिप ऑफ सर जॉन साइमन की लीडरशिप के अंदर सात बंदों को भेजा और उसे सात बंदों के अंदर एक भी इंडियन मेंबर नहीं था एक भी इंडियन साइमन कमीशन साइमन डेलिगेशन आप ही बताओगे 1927 के अंदर ब्रिटिश गवर्नमेंट एक कमेटी

8:54 बनाती है टोटल रिफॉर्म्स जो बनाने वाले हैं वो इंडिया ये लोग आते हैं और ये सोचते हैं की हम क्या करेंगे रिफॉर्म्स बनाएंगे तो उसके लिए हमें विजिट करना पड़ेगा इंडिया के इंडिया वालों की डिमांड्स किया है तो इसलिए उन्होंने विजिट कर 1928 और 19 20 लाइन ये लोग 1930 में साइन रिपोर्ट दे देंगे क्या देते हैं 1930 में आप ही बताओगे 1927 में ब्रिटिश गवर्नमेंट ने कमेटी बनाई सात मेंबर्स की अंडर डी लीडर वो कमीशन विजिट करती है इंडिया 28 एंड 29 के अंदर 1930 में वो लोग फाइनली साइमन रिपोर्ट दे देते हैं अब उसे रिपोर्ट

9:40 के अंदर ये लोग क्या बात है करते हैं वो चीज क्या है इंपॉर्टेंट है सबसे पहले तैयार की अबॉलिश कर देते हैं अब तैयार की सर कहां पर आई थी और डायन की क्या था यार की हमने मोंटी को चैलेंज पड़ी थी और उसमें हमने बात कारी थी की है उसके अंदर हुआ ये था की आपके पास लेटेस्ट के पास तीन कचरा पावर ट्रांसफर पावर सो ब्रेड एस्की आती है इंडियन इन्होंने दी की हटा दिया देखो जिससे किसका फायदा था प्रोविंशियल प्रोविंशियल ऑटोनॉमी ले मतलब प्रोविंसेस के मामलों में कौन इंटरफेयर नहीं कर सकता provences के मामले में सेंट्रल गवर्नमेंट interferend नहीं कर सकती तो जब प्रोविंसेस के मामले में सेंट्रल गवर्नमेंट इंटरफेयर नहीं कर सकती तो ये किसका फायदा था ये मुस्लिम के फायदे पर क्यों की आपको ये बात पता होनी चाहिए की

10:27 मुसलमान का ये फायदा था की मुसलमान को पता था की सेंट्रल गवर्नमेंट कभी भी नहीं ए सकती बिकॉज दे नॉट नॉट दूसरी बार ए गया सेपरेट इलेक्टर भी मिल गए ये भी किसका फायदा था फिर आप यह बताओगे 1/3 सीट्स नहीं मिली तो यह मुसलमान के अगेंस्ट था प्रोविंशियल स्टेटस स्पेशल स्टेटस मिला था प्रोविजन स्टेटस नहीं मिलेगा ये भी मुसलमान के खिलाफ क्योंकि आपको पता है हमारी ये डिमांड थी के चैनल को सेपरेट करो फ्रॉम बॉम्बे 13 सीट्स के डिमांड थी वह हमें नहीं मिली न को provences स्टेटस तो वो भी नहीं मिला तो तीन डिमांड दो डिमांड्स हमारी फुलफिल हो गई सेपरेट electoration हमें मिल गए और प्रोविंशियल

11:13 ऑटोनॉमी वाली रे फुलफिल हो तो ये हमारे पास कहानी है की ये रिपोर्ट आई अब बच्चा गलती किया करता है गलती आपने समझ ली है अगर आपसे पेपर में पूछा जा रहा है व्हाट वास साइमन रिपोर्ट तो आप साइमन कमीशन वाली बात नहीं बताओगे की 1927 के अंदर अंडर डी लीडरशिप जॉन साइमन साथ मेंबर्स की कमेटी बनाई गई आप वो बात नहीं होगा साइमन रिपोर्ट शुरू करोगे 1937 अकॉर्डिंग तू दिस रिपोर्ट डिस्कस के टायर की पॉलिश प्रोविंशियल ऑटोनॉमी वॉश इंट्रोड्यूस्ड विच मेंस इन डी मैटर ऑफ प्रोविंसेस सेंट्रल गवर्नमेंट कनॉट इन डिफरेंट मतलब आप यहां से शुरू करोगे अगर साइमन कमीशन पूछा जा रहा है तो आप शुरू से बिल्कुल स्टार्ट करो लेकिन अगर आप साइमन रिपोर्ट पूछी जा रही है तो आप 19:30 की साइमन रिपोर्ट से शुरू करोगे पीछे वाला हिस्सा सारा का सारा साइमन

12:00 कमीशन में ए जाता है तो हॉपफुली आपको ये बात समझ ए गई होगी जिसको समझ नहीं आई मैं उनसे पूछ सकता है की सर मुझे ये चीज समझ नहीं आई अब हमारे पास है रिजल्ट्स कांग्रेस ने इसको क्यों पोस्ट कर आप बोलोगे कांग्रेस को प्रोविजन और इकोनॉमी नहीं चाहिए तो प्रोविजन ऑटोनॉमी नहीं चाहिए थी तो इसलिए उन्होंने उसको पोस्ट कर उनको सेपरेट इलेक्टर नहीं है चाहिए तो उनको जॉइंट्स चाहिए द रुको नहीं मिले सही है अब आप बोलोगे सर एग्रीकल्चर बेटा आप तो याद होनी चाहिए जब यूनिटी थी खिलाफत मूवमेंट की वजह से यूनिटी खराब हो

12:46 गई थी अब वो हमें क्यों सपोर्ट करेंगे नारा लगाया गोज साइमन को जैसे कौन आवाज़ कर दी मतलब नॉन कोऑपरेशन मूवमेंट उन्होंने क्या कर दी स्टार्ट कर दी एंड थाउजेंड्स ऑफ हमारा हमेशा से कम है गांधी भाई रोड पर ए जाता है तो गांधी भाई कहां पर ए गए नहीं मिली फिल्म की सेपरेशन चाहिए थी फ्रॉम बॉम्बे नहीं का प्रोविंशियल स्टेटस चाहिए था नहीं मिला इसका ये भी तो सवाल ए सकता है इंडियन ये सवाल आज तक आया नहीं है लेकिन अगर ए गया तो मैंने क्वेश्चन बाय एम में भी नहीं दिया लेकिन अगर पेपर में सवाल ए

13:31 गया है वे साइमन कमीशन अलसो पोस्ट तो आपने बता देना ये देयर वास नो इंडियन मेंबर इन दिस सो जस की उसको पीओएस कर कांग्रेस ने की वो बॉस कर उनको सेपरेट इलेक्ट्रिक से ही जॉइंट इलेक्टेड चाहिए द उनको तैयार की जो है वो चाहिए थी नहीं चाहिए मुसलमान ने क्यों पोस्ट कर इसलिए वो पोस्ट कर क्योंकि उनको 13 सीट्स चाहिए थी नहीं मिली सेल की सेपरेशन चाहिए फ्रॉम बॉम्बे नहीं मिली nwsp का प्रमोशन स्टेटस चाहिए था नहीं मैं तो ये हमारे पास उसके रिजल्ट्स हैं साइमन कमीशन की उसका क्या रिस्पांस मिला है तो hopefulli आप लोगों को यहां तक की कहानी समझ ए गई होगी जैसे इसको समझ ए गई है वो क्लास लीव कर सकते हैं मुझे एन लिख कर भेज सकते हैं सर मुझे समझ प्रीमियम [संगीत]

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