Nehru Report | Olevel Pakistan Studies | 2059/01 | Muhammad Yousuf Memon

Brief Summary

This video discusses the Nehru Report, explaining its background, key points, and why it was ultimately rejected by the Muslim League. It covers the historical context, including the Simon Commission and the challenges faced by the Congress party. The video also highlights the disagreements between Hindu and Muslim leaders regarding separate electorates, representation, and the official language.

  • The Nehru Report was created in response to the Simon Commission and challenges from British leaders.
  • Key disagreements included the issue of separate electorates, representation in Punjab and Bengal, and the choice of official language.
  • The Muslim League rejected the Nehru Report due to concerns about minority rights and cultural dominance.

Introduction to the Nehru Report

The Nehru Report emerged during a period of reform efforts, including the Simon Commission. The report addresses the question of why it was created, particularly in response to the Simon Commission. The Simon Commission didn't provide the provincial autonomy or separate electorates that some groups wanted, leading to the Nehru Report as a means for Hindus to express their demands. Additionally, there was a perception that the Muslim League aimed to suppress Muslims, influencing the need for the report. Lord Birkenhead's challenge to the Congress party, deeming them immature and incapable of creating a constitution, further motivated the creation of the Nehru Report.

Reasons for the Nehru Report

The Nehru Report was issued as a reaction to the Simon Commission because it did not fulfil the demands of Congress. The Simon Commission introduced a federal form of government and gave minorities separate electorates, but Congress wanted more concessions for Hindus. The report aimed to establish the kind of constitution they desired, as no constitution had been properly established yet. The report eliminated the prospect of future cooperation between Muslims and Congress by denying Muslim rights and breaking the promise of Lucknow. Lord Birkenhead's statement that Congress was an immature party that couldn't create a constitution served as a challenge, leading them to create the reforms.

Key Points of the Nehru Report

The Nehru Report was issued in 1928 by Motilal Nehru during an all-party conference. The report advocated for self-government, which was contentious because Muslims were in the minority and feared Hindu rule. It also proposed joint electorates, which Muslims opposed, and suggested Hindi as the official language, which was also against their interests. While the report did include some points in favour of Muslims, such as separating Sindh, most proposals aimed to suppress them. Jinnah requested three amendments: one-third seats, seats according to population in Punjab and Bengal, and provincial autonomy. However, Nehru rejected these amendments, leading Jinnah to reject the entire Nehru Report.

Reasons for the Rejection of the Nehru Report

The Muslim League rejected the Nehru Report for several reasons. Firstly, the report went back on the agreement made in Lucknow in 1916, where separate electorates were accepted by Congress. The Nehru Report rejected separate electorates, which was a key demand for Muslims. Secondly, Muslims feared that joint electorates would lead to the majority winning, and even if they won in Punjab and Bengal, the lack of provincial autonomy meant the central government (dominated by Hindus) would interfere. Thirdly, the report proposed Hindi as the official language, while Urdu was the main language of Muslims, leading to concerns about government job opportunities.

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Transcript

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0:00 प्रीमियम [संगीत] [संगीत] आपको यह बात पता है अभी रिफॉर्म करने की कोशिश हो रही है साइमन कमीशन ए रहा है सारी चीज हो रही है रिफॉर्म करने की कोशिश हो रही है अब जो हम टॉपिक कर रहे हैं इसका नाम है नेहरू रिपोर्ट तो अगर मैं नेहरू रिपोर्ट की बात करूं

0:52 नया सवाल आएगा फिर बाद में रोते रहने नहीं रहना की हमारे टीचर ने गंदा पढ़ाया था हमारे टीचर ऐसे द बाद में टीचरों को अच्छा बुरा कहते रहो इससे बेहतर यह है की इतनी मेहनत कर लो की पेपर के अंदर रिजल्ट अच्छा ए जाए तो मैंने आपको पहले ही बताया नया सवाल आएगा तो इसीलिए मैं आपको नए क्वेश्चंस कर रहा हूं हमारे पास सवाल ही आएगा की नेहरू रिपोर्ट क्यों आई नेहरू रिपोर्ट एसबीआई एंड कमीशन अच्छा पहले थोड़ा सा नेहरू रिपोर्ट समझ लो साइमन कमीशन तो मैं samjhaunga ना की भाई साइमन कमीशन के रिस्पांस भी क्यों दिया तो आप यह बताओगे की भाई नेहरू रिपोर्ट स्पेशली आई क्योंकि साइमन कमीशन के अंदर उनको provencial ऑटोनॉमी नहीं चाहिए थी मिल गई थी उनको उधर सेपरेट इलेक्ट्रिक नहीं चाहिए द मिल गए द तो इसलिए एंड रिस्पांस ऑफ साइमन कमीशन उन्होंने अपने ये

1:37 रिपोर्ट दी जिसके अंदर वो बता सकें की हिंदू की डिमांड्स किया है तो इसलिए इन्वेस्टमेंट ऑफ साइमन कमीशन तो ये हमारे पास पहला पॉइंट है की इन रिस्पांस ऑफ साइमन कमीशन हमारे पास नेहरू रिपोर्ट क्यों है दूसरा रीजन है मुस्लिम अली नीत का मतलब होता है मुसलमान को दबाना था मुसलमान की स की तैसी कर देंगे अब उन्होंने ये बात सोचिए की भाई हम मुसलमान को कैसे ढाबा सकते हैं तो आप मुसलमान को इस तरीके से ढाबा सकते हैं की हम लोग जानबूझकर ऐसी बातें करेंगे नेहरू रिपोर्ट में आप जितनी बातें बनोगे सब मोस्टली मुसलमान के खिलाफ होंगे तो मुसलमान को इनको दबाना था थॉट्स वही इन्होंने एक रिफॉर्म बनाने की कोशिश कर एंड तीसरा रीजन ये है की लॉर्ड सही है लॉर्ड ब्रेक नहीं है बोला की कांग्रेस एक इमैच्योर पार्टी है क्यों बोला ऐसा क्यों की आप देखो तो अभी तक मौली मिंटू बना मोंटोया कुछ ऐसा रिफॉर्म्स बना साइमन बना सब ने किसको अपोज

2:25 कर सबने किस इस बंदे ने सबको पोस्ट कर था अपना कांग्रेस ने तो कांग्रेस तुम लोग बच्चे हो तुम लोगों को कोई बात समझ आती नहीं है तुम लोग कभी खुद तो कॉन्स्टिट्यूशन बना नहीं सकते और तुम लोग हमारे कॉन्स्टिट्यूशन को भी क्या कर सकते हो फिर इस बात पे मिर्ची लग गई इस बात पे मिर्ची किसको लग गई नेहरू भाई को और नेहरू भाई ने क्या कर दिया नेहरू भाई ने रिफॉर्म्स निकल दी अब सवाल जैसे मैंने आपको कहा की आप लोगों ने कहा सर आप तो माशाल्लाह टीचिंग से इतना कमल है अब आप लोगों को मैंने बोला भाई तुम लोगों को क्या पता टीचिंग के अंदर कितनी मेहनत लगती है टीचिंग आप लोगों से कोई टीचर बन गए आप लोगों से क्या है की मैंने आप लोग इतना दारा दिया भाई तुम लोग तो कर ही नहीं सकते टीचर तो बन ही नहीं सकते ये नहीं कर सकते हो नहीं कर जैसे आप लोग टीचर बन गया जब कोई टीचर बन गया तो क्या बोलोगे चैलेंज ले लिया ना ऐसा चैलेंज अब मैं बोल रहा हूं आप लोग ए स्टार्ट ला ही नहीं सकते अब आप

3:11 बोलोगे भाई हम किसी को नीचा दिखाए या ना दिखाएं सर को तो हम नीचा दिखाएंगे सर हमें बड़ा डिमोटिवेट कर देते द हर वक्त जलील करते रहते द तो आप क्या करोगे आप मेहनत करोगे जब आप मेहनत करो बेशर्म जो होगा ना वो बेशर्म क्या बोलेगा चलो अब हम हो रहे हैं सलिल तो होने दो लेकिन जो एक अच्छा बच्चा होगा वो क्या करेगा जलालत को क्या करेगा हमेशा मैं एक बात कहता हूं की जलालत इस डायरेक्टली प्रोपोर्शनल तू एंड हेयर स्टाइल जितना आप जलील हो गए ना उतना ए स्टार लाने के चांसेस अभी ये नहीं की रोज आके मुझे बोलो कैसे प्लीज जलील कर दें तो हमारे पास ये है की नेहरू रिपोर्ट है इसको नेहरू ने ऐसा चैलेंज लिया जब लॉर्ड करके तुमसे ना हो पाएगा तो इसने ऐसा चैलेंज लिया और इसने उसे रिफॉर्म को बनाया तो नेहरू रिपोर्ट क्यों आई एंड रिस्पांस और 7 कमीशन है साइमन कमीशन से सेटिस्फाई नहीं था क्यों प्रोविंशियल ऑटोनॉमी मिल गई थी सेपरेट इलेक्ट्रिसिटी मिल गए द दोनों चीज नहीं चाहिए मुसलमान को दबाना मुसलमान को उसको नीचा दिखाना और तीसरा रीजन ये है की

3:58 लॉर्ड निकल के भाई आप लोग पार्टी हो आप लोगों के बस की बात नहीं है फॉर्म बनाना तो बेहतर यह की आप लोग क्या करो आप लोग चुपचाप रिफॉर्म्स को क्या करो एक्सेप्ट करो तो इसलिए उन्होंने क्या कर ये सारी कहानी कारी जो की आपको आणि चाहिए अब मुझे ये बात बताओगे यहां तक की कहानी समझ ए गई या किसी को भी मसला है अगर किसी को कोई मसाला है तो बता सकता है की सर मुझे मसला है और अगर जिसको समझ ए गई वो चल करें और ये सवाल देखिए क्या सवाल ए सकता है

4:44 अब हमारे पास यह लिखा हुआ है यहां पे बड़ा-बड़ा क्वेश्चन मैं वही वास नेहरू रिपोर्ट वही नेहरू रिपोर्ट इशू नेहरू रिपोर्ट क्यों आई उसकी वजह आप मुझे बताओ तो सबसे पहले हमने क्या रीजन लिखा है इस व्हाट इश्यू तू डी रिएक्शन ऑफ डी सेवन कमीशन बिकॉज इट डिड नॉट फुल फुल डी डिमांड्स ऑफ कांग्रेस साइंस इट इंट्रोड्यूस फेडरल फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट एंड माइनॉरिटी और गिवन सेपरेट सो दे स्टूडेंट क्योंकि ये लोग इस चीज से सेटिस्फाइड नहीं डी कांग्रेस वांटेड मोर कंसेशन फॉर डी हिंदू लेटेस्ट गवर्नमेंट रिगार्डिंग डी कॉन्स्टिट्यूशन फादर मैं आसान अल्फ़ाज़ में

5:34 यह वाला जो रीजन है यह थोड़ा सा कचोरी बताना चाह रहे हो की भाई उनको यह नए-नए फॉर्म आने वाले हैं क्योंकि साइमन कमीशन अभी तक प्रॉपर आई नहीं है साइमन कमीशन आई है साइमन रिपोर्ट अभी तक प्रॉपर तरीके से नहीं आई क्योंकि ये 1928 का इवेंट और साइमन रिपोर्ट आई थी 1919 है साइमन कमीशन 1927 से आहिस्ता आहिस्ता aahistate हुए फाइनल रिपोर्ट आई थी 1930 में तो अभी तक कोई कॉन्स्टिट्यूशन नहीं भरा तो इन्होंने सोचा की भाई हम कॉन्स्टिट्यूशन बता देते हैं की किस तरीके का हमें चाहिए फिर आप ये बताओगे तो टोटली एलिमिनेटेड डी मोस्ट डी एंड ऑफ अन्य फ्यूचर कॉर्पोरेशन बिटवीन डेम एंड डी कांग्रेस बिकॉज ये टोटली दे नाइट डियर राइट्स मुसलमान को उन्होंने बिल्कुल साइट लाइन कर दिया दी ब्रो कॉल ऑफ डी प्रॉमिस ऑफ लखनऊ इट वास डी पार्ट ऑफ कांग्रेस एजेंट है तू गिव लेस पावर एंड राइट तू डी स्टेप्स इन्होंने कांग्रेस आर लखनऊ कर था की हम

6:21 लोग आपके साथ सेपरेट इलेक्ट्रिक तैयार है लेकिन सर ये फिर ऐसा क्यों हुआ की हमारी गलती हमारी गलती है ठीक है हम समझते हैं की हमारी हमने कभी जिंदगी में गलती नहीं कारी हमारी गलती थी मोकला रिबेलीयन हमारी वजह से खिलाफ बैठ के अंदर जिसने mullao ने वो करता हूं और हिंदू यूनिटी खराब भी थी हिंदू मुझसे मिली थी तो इस वजह से क्या हुआ की आप की वासी है एंड डी लास्ट रीजन है की हमारे पास लॉर्ड ब्रेक एंड हेड ने क्या कहा था की हमारे पास कांग्रेस एक इमैच्योर पार्टी है खुद कॉन्स्टिट्यूशन भी बना सकती तो हिट होके ऐसा चैलेंज और उसको उन्होंने खुद रिफॉर्म्स बनाने का वो ले लिया डिसीजन फास्ट तो ये हमारे पास रीजंस है की भाई इन्होंने रिफॉर्म्स क्यों बनाए तो hopefulli आप लोगों को यहां तक की कहानी समझ ए गई होगी जिसको समझ नहीं आई वो मुझे मैसेज कर सकता है 1 मिनट में सर मुझे समझ नहीं है सही है मैं आगे बढ़ रहा हूं

7:07 और जिसका कोई भी सवाल है वो सवाल पूछ सकता है शर्माना नहीं है अब हमारे पास है नेहरू रिपोर्ट नेहरू रिपोर्ट क्या थी और कौन से साल में नेहरू रिपोर्ट हमारे पास है 1928 के अंदर ये चीज मैंने आपको बता साइमन कमीशन 1927 में आया था और साइमन रिपोर्ट फाइनल वाली जो रिपोर्ट आई थी वो 1935 की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई 1928 में आई ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस में मोतीलाल नेहरू अरे याद रखना या मोती लेकर ए जाते हैं मोती या मोती तो बेटा मोती अगर आपको लिख डन अगर किसी का नाम मेरा नाम यूसुफ़ है कोई लिख दे सर तो मैं उसे पर थोड़ी बोलूंगा मेरा नाम पूरा लिखोगे ना तो इसी तरीके से मोतीलाल पूरा लिखना सिर्फ मोती लिखनी ए जाता क्या पैसे लाल लिखकर नहीं ए जाना या तो मोतीपुरा मोतीलाल नेहरू मोतीलाल नेहरू पूरा लेकर

7:54 आना तो हमारे पास क्या 1928 में ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस के अंदर मतलब इसके अंदर हिंदू भी द मुसलमान भी द सारे कॉन्फ्रेंस का था मौजूद द मोतीलाल नेहरू ने अपनी नेहरू रिपोर्ट इशू कारी और नेहरू रिपोर्ट कर रहे हैं कुछ बातें कर सबसे पहले क्या करें उन्होंने बोला सेल्फ गवर्नमेंट हो यह हमारे खिलाफ लखनऊ बैंक में तो सेल्फ गवर्नमेंट पे एग्री कर था ना क्योंकि हमने सेल्फ गवर्नमेंट है जब एग्री कर था जब इन्होंने हमारी बातें सुनने को तैयार दें इस दफा ये हमारी बातें नहीं सन रहे द और का रहे द सेल्फ कवर अब सेल्फ गवर्नमेंट हमें पता है की भाई हम माइनॉरिटी में है हम मेजॉरिटी में नहीं है हम कभी रूल कर ही नहीं सकते हिंदू से गवर्नमेंट आएंगे सेल्फ गवर्नमेंट का मतलब है इंडियन रूल करेगा और इंडियन में मेजॉरिटी कौन सा हिंदुस्तान

8:41 नेहरू ने क्या बोला कौन से इलेक्ट्रोड्स होने चाहिए ज्वाइन यह बात भी हमारे खिलाफ तीसरी बात इन्होंने बोला हिंदी की होनी चाहिए ऑफिशल लैंग्वेज ये बात भी हमारे क्या थी खिलाफ वोटिंग राइट्स बढ़ जाएंगे ये बात हमारे खिलाफ नहीं सिंध को सेपरेट कर देंगे ये हमारी डिमांड इन्होंने एक्सेप्ट कर ली लेकिन कचरा डिमांड थी और nwsp को प्रोविजन स्टेटस देने का ये भी बात हमारे सपोर्ट में अब अगर मैं इसके अंदर देखो तो मोस्टली हमारे दबाने की कोशिश कर रहा है फिर भी जिन्होंने इसको चांस दिया जिन्होंने बोला चलो तुमने ये बातें कर दी जिसने जब ये कहा ना शाहरुख गवर्नमेंट होगी इस सेलिब्रेटेड नहीं होंगे हिंदी ऑफिशल लैंग्वेज बना दो वोटिंग राइट्स बना देते हैं जिन्हें बोला नेहरू बेटा मेरी बात सुनो नेहरू बेटा मेरी बात सुनो और ये तीन अमेंडमेंट मैन लो तीन चेंज मैन लो की भाई

9:28 ये चेंज ले आओ की मुझे 13 सीट दे दो मुझे सेटेस्ट नहीं दे रहा है ना नहीं तो अपने पास रख लो सही है उसको कहीं खजाने में रख लेना लेकिन मुझे जरूरत नहीं दूसरी बात क्या गई पंजाब एंड बंगाल में वैन थर्ड सीट्स नहीं होंगे उसमें सीट्स होंगी अकॉर्डिंग तू पापुलेशन क्योंकि वैन थर्ड का मतलब है 33% और 33% से काफी ज्यादा परसेंटेज हमारी पंजाब और बंगाल में थी मुस्लिम तो इन्होंने पुरी जगह में सीट्स अकॉर्डिंग तू पापुलेशन दे दो और जो सेपरेट इलेक्टर से ना उसको अपने पास रख लो हमें जरूरत नहीं है और इसने बोला प्रोविंशियल ऑटोनॉमी मतलब प्रोविंसेस के मामलों में कौन इंटरफेयर नहीं करेगा सेंट्रल गवर्नमेंट इंटरफेयर नहीं तो वैन थर्ड सीट दे दो पंजाब और बैंक में सीट्स अकॉर्डिंग तू पापुलेशन दे दो नैनो ने कहा

10:15 की बेटा मैं तो आपकी तीन बातें नहीं मानूंगा तो जिन्होंने कहा आप मेरी तीन बातें नहीं मानोगे तो मैं तुम्हारी पुरी नेहरू रिपोर्ट नहीं मानूंगा जाओ मैं इसको रिजेक्ट कर दूंगा तो नेहरू रिपोर्ट क्या हो गई रिजेक्ट तो नेहरू रिपोर्ट कब आई 1928 में 1928 के अंदर जब की आई तो मोतीलाल नेहरू ने ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस का दर सर बोला की सेल्फ गवर्नमेंट होगी ये सिल्क को सेपरेट कर दिया जाएगा फिर आपकी क्या होगा सेपरेट इलेक्ट्रिक नहीं होंगे हिंदी को ऑफिशल लैंग्वेज बना दिया जाएगा वोटिंग राइट्स पर जाएंगे जिन्होंने कहा मेरे भाई सिर्फ तीन चेंज कर लो मैं नेहरू रिपोर्ट को एक्सेप्ट कर लूंगा और फिर हम ब्रिटिश के पास जाएंगे और बोलेंगे इसको रिफॉर्म सेपरेट इलेक्टरेट नहीं चाहिए मुझे पंजाब और बंगाल में सीट अकॉर्डिंग तू पापुलेशन कर दो और प्रोविजन ऑटोनॉमी कर दो की provences के मामले में सेटल गवर्नमेंट

11:03 नहीं मानता मुसलमान ने कहा की मैं तुम्हारी पुरी नेहरू रिपोर्ट नहीं मता| जाओ पहली फुर्सत में लेकिन तो हमारे रिलेशंस हिंदू से क्या हो गए द काफी गंदे हो तो ये हमारे पास नेहरू रिपोर्ट थी तो हॉपफुली आप लोगों को समझ ए गया होगा एक मिनट का टाइम दे रहा हूं 953 हो रहा है 954 तक का टाइम है जिसको समझ नहीं आई नेहरू रिपोर्ट क्या थी क्या मसाला है उसके अंदर पूछ सकता है और जिसको समझ ए गया चलिए करें अब हमारे पास सवाल है रिपोर्ट नेहरू रिपोर्ट जिस बच्चे को यहीं बताना है उसे बच्चे को

11:48 क्या करना चाहिए थोड़ा सा पानी लेना चाहिए उसमें डूब जाना है तो ए ए आई एम एल रिजेक्टेड नेहरू रिपोर्ट तो रिजेक्टेड इसलिए हुई इन रिपोर्ट सबसे पहले आपको एक बात बताएं की लखनऊ में हुआ था दोनों उसमें मोहब्बत है कर रहे द जिन्नाह हमारी मुसलमान की साइड से द अब मैं क्या चल उसमें ये बात डिसाइड हुई थी की सेपरेट इलेक्टर होंगे सेपरेट इलेक्टरेट बहुत एक्सेप्टेड बाय कांग्रेस ने की भाई यह चीज एक्सेप्ट कर ली लेकिन नेहरू रिपोर्ट में ए गया इसलिए मुसलमान ने चेक कर दिया देखो अगर मैं आपको यह कहूं की मैं आप लोगों का सही है मेरी आपसे पुरी एग्रीमेंट हो गया जब आप लोग ए रहे द हमने आपको मंजन बेचा हमने बोला हमसे अच्छा तो कोई पढ़ा ही नहीं सकता हम तो दुनिया के बेस्ट टीचर हैं हमने सारा मंजन में मंजन बेचने के बाद हमने

12:36 आपको क्या कर हमने आपकी ग्रेट का सत्यानाश कर दिया हमने आपका सील है डिले डिले हम आपका घटिया ग्रिड ले लिया है आप हमारे पास है आपने कहा सर आपने तो ये वादा कर रहा था की हम आपका स्टार ला के देंगे मैं कहूंगा मैंने कब कर यही सीन हुआ था मुसलमान और हिंदू के साथ हिंदू और मुसलमान ने ये बात एग्री कारी की भाई सेपरेट इलेक्टोरेट्स होंगे बाद में जाके नेहरू रिपोर्ट में क्या हो गए बदल गए जैसे क्रिकेट चलता है ना वैसे हमारे नेहरू भाई और क्या हो गया अपने रंग बदल लिए और उन्होंने कहा भाई हम सेपरेट इलेक्टर नहीं चाहिए इसमें हमारी भी गलती अब जैसे आप लोगों का सी आएगा अल्लाह ना करें अल्लाह ना करें वैसे सिया है लेकिन अगर कभी ए गया आप लोग मेरे पास आओगे रोते रोते हैं सर ये क्या कर दिया सर आप कितना कचरा पढ़ते द सर आपकी वजह से हमारा स्टार नहीं आया आपकी

13:22 जब आप रोते रोते आओगे तो मैं आपको ये कहूंगा बेटा जब मैं बोलता था बेशर्म पूछ लो तो पूछते नहीं द besharmo जब मैं कहता था की व्हाट्सएप पे मुझे तंग करो नहीं करते द बेशर्म हो जब मैं कहता था असिस्टेंट को तंग करो नहीं करते द बेशर्म जब मैं कहता था पस्त पेपर्स देख लो इतने साल डांसर बना के दिए हुए हैं देख लो सवाल कैसा आएगा नहीं पढ़ते द तो फिर मैं आपको आपके इसी तरीके से हमारी भी ये गलती थी की हमने मोखला रिबेलीयन हमारी तरफ से वादा इसीलिए हिंदू मुस्लिम भी खराब हुई थी और उन्होंने अपनी बात से मुकर गए तो आप भी बताओगे लखनऊ में 1916 में आया सेपरेट इलेक्ट्रिक एक्सेप्टेड बाय कांग्रेस लेकिन वो अपनी बात से फिर गए नेहरू रिपोर्ट में उन्होंने सेपरेट इलेक्टरेट को रिजेक्ट कर दिया और ये हमारी में डिमांड थी क्योंकि हमें ये बात बता दी जॉइंट इलेक्ट्रिक से तो कभी हम जीत ही नहीं सकते यू सेपरेट इलेक्टर में परसेंटेज देखी जाती है जॉइंट इलेक्ट्रिक क्वांटिटी देखी जाती है तो हम

14:08 लोग तो कभी जीत ही नहीं सकते द थॉट्स वही मुसलमान ने चेक कर दिया दूसरा रीजन मुसलमान को डरता की अगर हमने यह रिपोर्ट एक्सेप्ट कर ली तो जॉइंट इलेक्ट्रिक करना जो मेजॉरिटी होगा वो जीत जाएगा अब पंजाब और बंगाल के अंदर क्या होगा की पंजाब और बंगाल में भी किसका कंट्रोल ए जाएगा उनका और वो लोग क्या बोले द की भाई provencial ऑटोनॉमी नहीं होगी अच्छा बोलो प्रोविंशियल ऑटोनॉमी नहीं हो रही तो पंजाब और बंगाल में अगर हम जीत भी गए अगर हम जीत भी गए तो provences के मामलों में तो सेंट्रल गवर्नमेंट इंटरफेयर करेगी और सेंट्रल गवर्नमेंट किसकी थी उसकी हिंदू उसकी मतलब ए जाती है ना नेहरू रिपोर्ट में क्या बोला था प्रोविंशियल ऑटोनॉमी नहीं हो तो अगर हम पंजाब और बंगाल में मेजॉरिटी में जीत भी जाते अगर जीत भी जाते तो हमें ये डरता की वहां पर हम नेहरू रिपोर्ट एक्सेप्ट करते हुए तरक्की नहीं कर सकते क्यों तरक्की

14:54 नहीं कर सकते इसलिए तरक्की नहीं कर सकते क्योंकि वहां पर आपकी होगी नहीं रोमांस में आप इतनी मर्जी चला ही नहीं सकते सेंट्रल गवर्नमेंट की भारती चल रही होगी और सेंट्रल गवर्नमेंट किसकी है हिंदू उसकी तो इसलिए उन्होंने नेहरू रिपोर्ट को रिजेक्ट कर दिया की भाई आपकी रिपोर्ट बिल्कुल ही बकवास थर्ड क्या बोलोगे इन्होंने नेहरू रिपोर्ट में हिंदी को क्या ऑफिशल लैंग्वेज मुसलमान की मेल लैंग्वेज कौन सी थी उर्दू हिंदी अगर होती और हिंदी हमें नहीं आती मुसलमान को हिंदी नहीं आती थी तो गवर्नमेंट जॉब कैसे मिलती और जब गवर्नमेंट जॉब भी नहीं मिलती तो मुसलमान क्या हो जाता परेशान थॉट्स ए दे रिजेक्टेड नैनो रिपोर्ट पहला रीजन क्या है केनरा रिपोर्ट रिजेक्ट करने का उन्होंने इसलिए रिजेक्ट कर क्योंकि उसके अंदर क्या मसाला था की सेपरेट इलेक्टोरेट्स के डिमांड एक्सेप्ट नहीं हो रही थी दूसरा क्या मसाला पंजाब और बंगाल के अंदर हमारी हिसाब से चल नहीं

15:40 पाती क्योंकि तीसरा ये था की नेहरू रिपोर्ट में क्या था केंद्रीय को ऑफिशल लैंग्वेज में हमारी में लैंग्वेज कौन सी थी मुसलमान की उर्दू थी तो जिसकी वजह से हमने उसको अपोज कर और वो क्या हो गई फैल हो गई तो पेपर में सवाल ए चुका है कचरा सवाल है पेपर में सिर्फ एकदम बैक ऑन डी व्यू ऑफ हेविंग सेपरेट डिलीटेड लखनऊ इन 1916 इन लखनऊ पैकेट वॉच म्यूचुअल डिसाइडेड दोनों ने मिलकर डिसाइड कर था डेट देयर विल बी सेपरेट इलेक्ट्रिक बट नौ एक्सेप्टिंग इट इन नेहरू रिपोर्ट सो मच रिजेक्टेड सेपरेट इलेक्ट्रिसिटी

16:32 वह किसके अंदर है ही नहीं तो प्रोविंसेस में हमारी मर्जी नहीं चल सकती इसलिए उन्होंने कहा की सेपरेट अब वो क्या होना चाहिए की हमारी वहां पे पापुलेशन के अकॉर्डिंग होनी चाहिए फिर हमारे पास क्या नेहरू रिपोर्ट अलसो सेट डेट हिंदी शुड बी मेड डी ऑफिशल लैंग्वेज विच वाज जस्ट अप्रूव्ड की मुस्लिम उर्दू वस्तु इंपॉर्टेंट फॉर डेम इन देयर कल्चर एंड में मुस्लिम डिड नॉट नो हिंदी विच मैन दे वुड नॉट गेट डी गवर्नमेंट जॉब आगे रिजल्ट नेहरू रिपोर्ट वर्जन हिंदू मुस्लिम रिलेशंस बिकॉज फर्स्ट टाइम कल्चर एंड लैंग्वेज वाज अंडर थ्रेट एस हिंदू वांटेड तू डोमिनेट डेम कल्चरल एंड इकोनॉमी तो ये हमारे पास तीन रीजंस हैं क्यों हमने और इंडियन मुस्लिम कॉन्फ्रेंस नेनु रिपोर्ट को उपवास करो तो हॉपफुली आप लोगों को यहां तक की कहानी समझ ए गई होगी जिस-जिस को समझ ए गई है वो चलकर और जिस-जिस को समझ नहीं आई वो मुझसे सवाल कर सकता है की सर मुझे समझ नहीं है

17:19 [संगीत]

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