0:04 नमस्कार वेलकम टू करियर 247 मैं हूं प्रशांत धवन नाउ रिसेंटली सिलिगुरी कॉरिडोर को डिफेंड करने के लिए भारत ने एक बहुत ही इंपॉर्टेंट युद्धाभ्यास किया है तीस्ता प्रहार एक्सरसाइज और यह एक्सरसाइज एक ऐसे टाइम में करी गई है जब भारत में लगातार हम ऐसे क्वेश्चन पूछ रहे हैं कि क्या भारत थ्री फ्रंट वॉर के लिए तैयार है? अभी रिसेंटली ऑपरेशन सिंदूर के अंडर हमने दुनिया को डेमोंस्ट्रेट कर दिया कि पाकिस्तान से कई गुना ज्यादा कैपेबल है इंडियन मिलिट्री और अभी तक तो हमने अपनी मिलिट्री का फुल पोटेंशियल यूज़ भी नहीं किया था। हमारी नेवी अभी तक एक्टिवेट हुई नहीं थी। आप इमेजिन करिए पाकिस्तान का क्या हाल करते हम लोग अगर हमारी इंडियन नेवी भी एक्टिवेट हो जाती। मगर यह टाइम प्राउड फील करने का नहीं है। भारत इस वक्त
0:50 एक ग्रोइंग स्टेज पे है। हमारी स्टेट्स इतना अच्छा परफॉर्म कर रही है कि इवन अब रिसेंट न्यूज़ आई थी कि तमिलनाडु की जो जीडीपी है इसने भी पूरे पाकिस्तान की जीडीपी को ओवरटेक कर लिया है। और ऐसे टाइम में मैं आपको यह बता दूं भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए स्कीम्स बनाई जाएगी। प्लांस बनाए जाएंगे। जो भारत की ज्योग्राफिकल कमजोरियां है उसको भी टारगेट किया जाएगा। प्राइमरली यहां पे मैं बात करूंगा सिलीगुड़ी कॉरिडोर की जिसको काफी बार मीडिया में चिकनंस नेक भी कहा जाता है। और ऑब्वियसली यह बात हमको पता है। मीडिया को पता है। हम लोग डिस्कस कर रहे हैं। इस चीज को लेकर मिलिट्री भी काफी कंसर्न है कि किसी दिन मान लीजिए पाकिस्तान, चाइना, बांग्लादेश तीनों फ्रंट से अगर वॉर खुल गई तो हम क्या करेंगे? उस वक्त सिलीगुड़ी कॉरिडोर को हम कैसे बचाएंगे? और उसी का जवाब है एक्सरसाइज,
1:38 तीस्ता प्रहार। नाउ, यह युद्ध अभ्यास रिसेंटली कैसे किया गया था? इसकी इमेजज़ क्या सामने आई है? यह मैं आपको दिखाना चाहता हूं। [संगीत] [संगीत]
2:25 [संगीत] नाउ यह जो युद्धाभ्यास आपने देखा काफी ग्रैंड स्केल का था। हमने यहां पर ड्रोंस, रोबोट्स, अपने मिसाइल्स जो भी नेक्स्ट जनरेशन वेपंस हैं। सारे वेपंस आप देखोगे कोई ऐसा नहीं लग रहा था कि पुराना वेपन है। ऑल ऑफ द प्लेटफॉर्म्स वर न्यू। और यह हमने योद्धा अभ्यास किया है स्पेसिफिकली सिलिगुरी कॉरिडोर में। यह जो लोकेशन आपको दिख रही है यहां पर बांग्लादेश के नॉर्थ में। यहां पर यह युद्धाभ्यास किया गया है।
3:11 और इस एरिया को कहा जाता है तीस्ता फील्ड फायरिंग रेंज। और अगर आप सोच रहे हैं वेट तीस्ता। यह वही नदी नहीं है जो बांग्लादेश में बहती है। तो क्या हम इसको एक वार्निंग समझे? क्या भारत वार्निंग भेज रहा है बांग्लादेश को। नॉट पर्टिकुलरली। ये आपको समझना होगा कि तीस्ता नदी बहती कैसे है। आप अगर मैप में देखोगे। तीस्ता नदी की शुरुआत होती है सिक्किम में और उसके बाद सिक्किम से यह नदी जाती है वेस्ट बंगाल में और उसके बाद यह नदी जाती है बांग्लादेश में। बांग्लादेश में जाकर जो ब्रह्मपुत्र नदी है जो इंडिया से होकर गुजर रही होती है उससे यह नदी हो जाती है मर्ज और फिर बांग्लादेश को बहुत सारा पानी इरीगेशन और वेरियस और चीजों के लिए मिलता है यहां से। तो तीस्ता नदी जितनी बांग्लादेश की है उतनी भारत की है। एक्चुअली आप अगर देखोगे काफी बार बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी को लेकर
3:59 भारत से डिस्प्यूट भी करता रहता है। फॉर एग्जांपल इधर आप देख पाओगे साल 2024 का मैं आपको आर्टिकल दिखा रहा हूं। बांग्लादेश के मोहम्मद यूनस ने कहा था कि चलिए भारत के साथ मिलकर तीस्ता वाटर शेयरिंग का जो इशू है यह रॉल्व कर लेते हैं। हालांकि सेम बात शेख हसीना भी कहती थी और शेख हसीना अगर पावर में रहती आई बिलीव एक टाइम पे आकर ना तीस्ता नदी का पानी कितना भारत इस्तेमाल करेगा कितना बांग्लादेश इस्तेमाल करेगा इसको लेकर एक सहानुभूति बन जाती है बट मोहम्मद यूनस की जो पॉलिसी है उसके बाद चांसेस कम है कि एक प्रॉपर एग्रीमेंट बन पाए तीसा नदी को लेकर इंडस वाटर ट्रीटी जिस तरीके से पाकिस्तान के साथ है हमारी वैसी कोई ट्रीटी बांग्लादेश के साथ हमारी नहीं है और जी हां बिल्कुल यहां पे आप सही समझ रहे बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों ही जो यह
4:44 देश है ना इनके पानी की सप्लाई भारत कंट्रोल करता है और इसलिए थ्री फ्रंट वॉर के लिए प्रिपेयर करना बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि मान लीजिए हाइपोथेटिकली कल को चाइना सोचता है कि चलिए बड़ा प्रहार करते हैं भारत पर। पहले चाइना कर चुका है। यह कोई ऐसा नहीं है कि अनरियलिस्टिक सिनेरियो है। चाइना काफी बार इंडिया के अगेंस्ट अग्रेशन कर चुका है। 1962 वॉर भी हुई थी। उसके बाद काफी बार चाइना ने कोशिश करी। मगर उसके बाद चाइना को ज्यादा सफलता मिली नहीं है। बट फ्यूचर में बिल्कुल एक रियलिस्टिक सिनेरियो है। चाइना भारत पर आक्रमण करें और उसके बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान ये दोनों देश भी एक्टिव हो जाएं। इनको लगे कि चलो जो भारत के इंपॉर्टेंट हिस्से हैं फॉर एग्जांपल बांग्लादेश समझे के जी सिलीगुड़ी कॉरिडोर और सिक्किम यह कब्जा लेते हैं। हमारा जो
5:30 पानी का साधन है यह सिक्योर हो जाएगा। पाकिस्तान समझे पाकिस्तान तो लिटरली देखिए दे डू नॉट केयर अबाउट कश्मीर। मैं साफ-साफ बता दूं ना यह कश्मीर के लोगों की चिंता करते हैं ना कुछ इनको और चिंता है। इनको मेन इंटरेस्ट है कि अगर यह पूरा एरिया पाकिस्तान कब जाता है तो जो इंडस नदी है इसका जेन्युइन कंट्रोल कंप्लीट कंट्रोल आ जाएगा पाकिस्तान के पास और फिर इनको चिंता नहीं होगी कि कल को पानी की सप्लाई रुक ना जाए। यह मैं रिपीट कर दूं। भारत एक स्टैटस को पावर है। आपने रिसेंटली देखा होगा शशि थरूर साहब जो भारत के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके हैं। इन्होंने काफी बार यह कहा इंडिया कॉन्फ्लिक्ट नहीं चाहता। हमारा कोई इंटरेस्ट नहीं है। हमें पाकिस्तान से क्या चाहिए? पीओके जो है वो तो इवेंचुयूली वापस
6:16 आएगा। पीओके के अलावा पाकिस्तान के पास कौन सा रिसोर्स है? कौन सा साधन है जो हमको चाहिए। वी आर नॉट डिपेंडेंट ऑन पाकिस्तान। सिमिलरली बांग्लादेश पर भी हमारी कोई डिपेंडेंसी है नहीं। इंडिया इज सेल्फ सफिशिएंट। भारत के लिए सबसे बढ़िया यह होगा कि आने वाले 10-15 सालों में कोई युद्ध ना हो, कोई कॉन्फ्लिक्ट ना हो, पीसफुली इसी तरीके से मामला चलता रहे। तो इसको आप कहोगे भारत स्टेटस को मेंटेन करना चाहता है। जो अभी स्थिति है ना वही अगर मेंटेन रहे तो भारत के लिए बहुत अच्छा होगा। बट पाकिस्तान और बांग्लादेश यह दोनों कंट्रीज स्टार्टस को को तोड़ना चाहते हैं। इनके जिओपॉलिटिकल इंटरेस्ट में यह है कि भारत को नुकसान पहुंचाकर यह हमारी धरती कब्जा है और ऑब्वियसली इनको रोकने के लिए ही हमने यह युद्ध अभ्यास
7:02 करना शुरू कर दिया है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को प्रोटेक्ट करना भारत के लिए बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट है। क्योंकि बांग्लादेश में आज के समय आप अगर देखो अजीब सी आवाजें उठ रही हैं। इनके फॉर्मी आर्मी जनरल्स, इनकी जनता सब लोग चाहते हैं कि इंडिया के अगेंस्ट ना एक कुछ मिलिट्री एक्शन ये करके दिखाएं। हालांकि पाकिस्तान में जिस तरीके से रात में उजाला हुआ है वो देखकर बांग्लादेश के थोड़े बहुत जोश ठंडे हुए हैं। बट अभी भी मैं आपको बता दूं बांग्लादेश की जो मेजॉरिटी पॉपुलेशन है इट इज स्टिल एंटी इंडिया। और इसलिए जो यह युद्धाभ्यास है तीस्ता प्रहार यह बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। यहां पर हमने कंडक्ट किया है कि नेक्स्ट जनरेशन वेपंस को हम कैसे इंटीग्रेट कर सकते हैं मॉडर्न वॉरफेयर में। और जो ट्रेन आप अगर देखोगे सिलीगुई कॉरिडोर की यह बहुत अलग है इंडिया
7:49 पाकिस्तान की ट्रेन से। भारत के सामने चैलेंज यह है जो हमारी बॉर्डर लगती है पाकिस्तान के साथ। यहां पर ट्रेन विभिन्न प्रकार की है। नॉर्थ में जाओगे पहाड़ है। फिर राजस्थान में रेगिस्तान है। यहां पर सैंड ड्यूंस की प्रॉब्लम आती है। फिर पंजाब का बिल्कुल फ्लैट लैंड है। फिर नीचे जाओगे आप ज्यादा तो अरेबियन सी शुरू हो जाता है। यहां पर नेवी की पार्टिसिपेशन बढ़ जाएगी। जबकि बांग्लादेश के केस में नेवी की पार्टिसिपेशन बे ऑफ़ बंगाल में तो है। मगर नॉर्थ की तरफ एक ऐसा लैंड है जो काफी हद तक सपाट है। कोई पहाड़ नहीं है मगर छोटी-छोटी नदियां है। मार्शी लैंड है। काफी जगह आपको ब्रिजेस बनाने की आवश्यकता है। और इसलिए देखा गया है इस युद्धभ्यास में। भारतीय सेना ने प्रैक्टिस करी है कि कल को अगर टैंक्स बहुत तेजी से आगे बढ़ाने हो तो उसके लिए हम क्या कर सकते हैं? यह
8:36 इधर आप देख पाओगे यह वाला पार्ट कल को तीस्ता नदी के आसपास कॉन्फ्लिक्ट होती है ना तो इस टाइप के जो ब्रिजेस हैं जो आपको बिल्कुल कुछ ही घंटों में सेटअप करने पड़ते हैं अपने टैंक्स के लिए। यह बहुत ही इंपॉर्टेंट होंगे। तभी टैंक्स आगे बढ़ेंगे। नहीं तो मदर नेचर ने ही यहां पर ट्रेन ऐसी बना रखी है कि टैंक्स आपके पास अगर हजार भी हैं आगे बढ़ाने में दिक्कत आएगी। नदियों में टैंक्स फस सकते हैं। तो, इस टाइप के जो यह ब्रिजेस हैं, दे विल बी की इन दिस काइंड ऑफ़ बैटल फील्ड। यहां पे आप देख पाओगे। और भारत के लिए अच्छी बात यह है कि डीआरडीओ ने बना रखा है भारत के लिए सर्वथा सिस्टम। भारत का मोबाइल ब्रिज सिस्टम जो हमें ऐसी डिफिकल्ट ट्रेन में हेल्प करेगा। तो, अगेन मैं रिपीट कर दूं। बांग्लादेश को अटैक करने का कोई प्लान
9:21 नहीं है। यह युद्ध अभ्यास किसी अटैक की प्रेपरेशन नहीं है। हम एक स्टेटस को पावर हैं। बट ऑब्वियसली हमें धमकाया जाएगा। हमें लगेगा कि थ्रेट है बांग्लादेश से कल को बांग्लादेश मौका ढूंढकर इंडिया को हर्ट कर सकता है। तो उस केस में ऑब्वियसली आर्मी विल टेक दी एकशंस दैट आर नेसेसरी। सो यह एक बहुत ही इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट है। इसके बारे में आपको पता होना चाहिए। आप लोग यकीन नहीं करेंगे कितने सारे लोगों से मैं मिलता हूं और उनसे बात करता हूं और उनका एक ही सवाल होता है कि करियर में अब क्या करें? यू नो व्हाट मुझे मैथमेटिक्स इतना अच्छा लगता नहीं है। कोडिंग वगैरह सीखने में मेरा मन नहीं लगता। मुझे कुछ और एक मतलब क्रिएटिव जॉब जहां पे मैं अर्ली स्टार्ट कर सकूं वैसा कुछ सजेस्ट करिए। वेल मैं यहां पे आपको बताना चाहता हूं डिजिटल मार्केटिंग के बारे में। डिजिटल
10:07 मार्केटिंग के अंडर आपका करियर कैसा हो? इस फील्ड के अंडर आप बन सकते हैं डिजिटल मार्केटिंग असिस्टेंट। आप बन सकते हैं एक एसईओ राइटर। आप बन सकते हैं सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट। आप बन सकते हैं एक एसईओ मैनेजर, एक कंटेंट मैनेजर, डिजिटल मार्केटिंग के अंडर आपको जॉब मिल सकती है वेरियस सेक्टर्स में। और यह जॉब्स लगातार बढ़ती जा रही हैं। एंड सिमिलरली आप देखोगे डिजिटल मार्केटिंग के जो कोर्सेज हैं, यह भी दुनिया भर में चाहे यूएस हो, यूरोप हो, हर जगह यह कोर्सर्सेस बढ़ते जा रहे हैं। और आप एक बात नोट करिएगा ज्यादातर जो यह कोर्सेज हैं, बहुत ज्यादा महंगे होंगे। सिर्फ इंग्लिश लैंग्वेज में होंगे और यह कोर्सेज बहुत छोटे होते हैं। दो-ती महीनों में ना हो गया हो गया कोर्स हो गया आपका। आपको बस आगे भेज दिया जाएगा। जबकि करियर 247 आपके लिए लेके आया है एक स्टेट ऑफ द
10:54 आर्ट डिजिटल मार्केटिंग कोर्स जहां पे आपको मिलती है द बेस्ट फैकल्टी। आप लोग ऐसे प्रोजेक्ट्स पे काम करेंगे जिससे आपको मिलेगा जेन्युइन एक्सपीरियंस। आपको जॉब ढूंढने में भी हेल्प करेगा करियर 247 और एक प्रॉपर करियर गाइडेंस भी आपको मिलेगी हमारे कोर्स में। लैंग्वेज होगी इंग्लिश। कोर्स की जो वैलिडिटी है यह एक साल की होगी। वैसे आपका कोर्स 6 महीने में खत्म हो जाएगा। आपको मिलेगा एक सर्टिफिकेट और आप स्टार्ट कर सकते हैं अपनी जर्नी इन द वर्ल्ड ऑफ डिजिटल मार्केटिंग। आप अगर 18-1 19 साल के भी हैं, ग्रेजुएशन नहीं करी, तब भी यू कैन बिगेन योर जर्नी एज ए डिजिटल मार्केटिंग असिस्टेंट और धीरे-धीरे एक्सपीरियंस गेन करके आप अपनी लाइफ में आगे बढ़ सकते हैं। सो, एनरोल करने के लिए आपको करना क्या है? सिंपली जाइए इस वीडियो के कमेंट सेक्शन में। पिंड कमेंट में आपको मिल जाएगा यह लिंक। स्टार्ट योर डिजिटल
11:41 मार्केटिंग जर्नी नाउ। और यहां पर आपको करना है इस लिंक पर क्लिक। आपके सामने खुल जाएगा यह पेज। इधर अपना नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और ऑब्वियसली डिस्काउंट कोड यहां पर डाल देना पीजी 10 ताकि जो प्राइस है इस कोर्स का इससे बहुत ज्यादा कम प्राइस में आपको यह कोर्स मिले। अगर आप कोड डालना भूल जाओगे, तो प्राइसेस आपको काफी इनक्रीस मिलेंगे यहां पर। सो, ऑलवेज एंटर द कोड PD10 एंड सिंपली अप्लाई। दैट्स ऑल आई एम सेइंग। सिंपली अप्लाई करियर 247 की तरफ से कंसलटेंट आपको कॉल करेंगे। आप बात कर सकते हैं। जानकारी और ज्यादा प्राप्त कर सकते हैं। और आप स्टार्ट कर सकते हैं अपनी जर्नी इन द वर्ल्ड ऑफ डिजिटल मार्केटिंग। और याद रखिएगा दिस इज नॉट जस्ट डिजिटल मार्केटिंग। दिस इज डिजिटल मार्केटिंग विद जनरेटिव एआई। सो इसी नोट के साथ यह है
12:27 वीडियो का अंत। थैंक यू फॉर लिसनिंग। एंड एज आई ऑलवेज से, मे गॉड्स वॉच ओवर